वर्ल्ड टॉप-20 में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स भारत में शुरू करेगी कैंपस…

वर्ल्ड टॉप-20 में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स भारत में शुरू करेगी कैंपस…

दिल्ली(DELHI): विश्व की टॉप-20 यूनिवर्सिटियों में शुमार ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) जल्द ही भारत में अपना कैंपस शुरू करने जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह ऑस्ट्रेलिया का एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है, जो क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शीर्ष-20 उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है।

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स भारत में अपना परिसर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स भारत में अपना परिसर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। दरअसल, धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर और सहायक मंत्री जूलियन हिल से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्षों और मित्रों से मिलकर उन्हें अत्यंत खुशी हुई।

‘प्री-स्कूल से लेकर पीएचडी’ तक शिक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहभागिता

धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्रों में भारत-ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही ‘प्री-स्कूल से लेकर पीएचडी’ तक शिक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहभागिता को और मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि भारत के लिए छात्रों में आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-रेडी पीढ़ी तैयार करना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स को लेटर ऑफ इंटेंट भी सौंपा।

दोनों देश अपनी जीवंत शैक्षिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध

प्रधान ने UNSW को बधाई देते हुए भारत में उसका स्वागत किया और इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया ज्ञान साझेदारी को और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी जीवंत शैक्षिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें दोनों देशों के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग, रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान वित्तपोषण और दो-तरफा शैक्षिक एवं अकादमिक गतिशीलता को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने बताया कि तीसरी ऑस्ट्रेलिया-भारत शिक्षा एवं कौशल परिषद की बैठक में शिक्षा परिदृश्य के रूपांतरण और दोनों देशों के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के विशेषज्ञ शामिल

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय 8 और 9 दिसंबर को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी कर रहा है। तीसरी ऑस्ट्रेलिया-भारत शिक्षा एवं कौशल परिषद बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की, जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर और कौशल एवं प्रशिक्षण मंत्री एंड्रयू जाइल्स ने सह-अध्यक्षता की। बैठक में स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा के प्रमुख विषयों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण व पेशेवर विकास, सहयोगी अनुसंधान और कुशल कार्यबल निर्माण शामिल रहे।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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