रांची(RANCHI): जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे समेत उनके सात परिजनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का नया केस दर्ज किया गया है। एसीबी ने अपनी एफआईआर में चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वपना संचिता, ससुर सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, शिपिज की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, नेक्सजेन के संचालन व विनय कुमार चौबे के सबसे खास सहयोगी विनय कुमार सिंह, विनय की पत्नी स्निग्धा सिंह को आरोपी बनाया है।
एसीबी ने मई माह में विनय चौबे की गिरफ्तारी के बाद सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ पीई दर्ज की थी। छह माह चली पीई जांच के बाद मिले तथ्यों के आधार पर पीसी एक्ट, बीएनएस की संगत धाराओं के तहत अभियुक्त बनाया है।
आय से 53% अधिक संपत्ति मिली
एसीबी ने विनय चौबे के पूरे सेवाकाल के आय-व्यय की जानकारी खंगाली। इसमें पाया है कि चौबे ने अपनी कुल आय से 53 प्रतिशत अधिक कमाई की। उन्होंने पूरे सेवाकाल में 2.20 करोड़ कमाए, जबकि उनके नियंत्रण वाले खातों में 3.47 करोड़ आए। जांच में एसीबी ने यह भी पाया कि उन्होंने अपनी आय का एक तिहाई भी खर्च नहीं किया। चौबे ने भ्रष्टाचार से हुई आय का निवेश विनय सिंह की कंपनियों में किया, इसके बाद पत्नी के खाते में विनय सिंह से पैसे भी लिए।
जहां पोस्टिंग, वहां कमीशन की उगाही
एसीबी ने दस्तावेज, बैंक खातों के विवरण और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया तो पाया कि चौबे ने पोस्टिंग के दौरान कमीशन की उगाही की, इसके बाद इस राशि का विचलन कर निवेश किया। उनकी अर्जित आय से व्यय अधिक है। बैंक खातों की जांच यह जानकारी मिली कि घेरलू खर्च न के बराबर रहा। नियमित घरेलू खर्चों में आय का महज एक तिहाई खर्च किया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद विनय कुमार चौबे को दो दिनों की रिमांड पर लिया है। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, विनय चौबे फिलहाल हजारीबाग वन भूमि और खासमहल जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी विनय चौबे से आय से अधिक संपत्ति मामले में मंगलवार से पूछताछ करेगी। सोमवार की शाम एसीबी उन्हें हजारीबाग से लेकर रांची पहुंची।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

