निरसा(NISRA):मैथन डैम के रघुनाथपुर में मत्स्य विभाग उप निर्देशक संजय कुमार गुप्ता और मत्स्य उप निर्देशक शंभू प्रसाद यादव के देख रख में मछुआरों और स्थानीय विस्थापितों के लिए उँगलिका मछली जलाशय में छोड़ा गया।
जहां जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी धनजीत कुमार साथ ही क्षेत्र के किसान मौजूद थे। मौके पर उप मत्सय निदेश शंभू प्रसाद यादव ने बताया कि सरकार के द्वारा सभी जलाशय में फिंगर लिंग का संचयन किया जाता है ताकि क्योंकि जलाशय में मछली ब्रीड नहीं करती है मछली अंडा नहीं देती है इसलिए बाहर से संचयन बीज का करना आवश्यक होता है उसी के तहत धनबाद जिले के मैथन डैम में आज जो है ग्रास कार्प और आईएमसी यह दोनों फिंगरिंग का संचयन किया गया, इसमें यहां के हमारे जो रघुनाथपुर के आसपास के जो भी विस्थापित है उसमें से 24 किसान हमारे आईएमसी के थे और तीन जो है वह ग्रास कार्प के थे। टोटल 12 लाख आईएमसी और डेढ़ लाख ग्रास कार्प छोड़ा गया। किसान अपने यहां वह बीज तैयार करते हैं उनको अनुदान पर हम लोग स्पॉम देते हैं और उसी से फिंगरिंग तैयार करते हैं और वह फिंगरिंग फिर हम लोग परचेज कर लेते हैं । रेट 75 पैसे पर पीस है लेकिन साइज क्योंकि बड़ा है तो रेट बढ़ना चाहिए था लेकिन इस पर हम लोग भी विचार करेंगे।
पूरे धनबाद जिला का लक्ष्य 42 लाख का है तो इसमें मैथन और पंचेत दोनों आता है और तीन छोटा – छोटा जलाशय भी है।
आप इतना समझिए कि जलाशय में मछलियां अंडा नहीं देती है रेहु कतला, मृगल ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प, कॉमन कार्प ये जो भी मछलियां है ये मछलियां अंडा नहीं देती है, तो अंडा नहीं देती है तो उसका बीज नहीं होगा । अगर जो मछली है उसको निकाल लेंगे तो एक समय आएगा कि वो शून्य हो जाएगा खाली हो जाएगा । इसलिए जो है हम लोग हर साल उसमें फिंगरिंग डालते हैं और मछुआरा जो है वो हर साल जो अपना फिशिंग करते हैं ।
NEWSANP के लिए निरसा से मनोज सिंह की रिपोर्ट

