पटना(PATNA): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ताज़ा परिणामों ने प्रदेश की राजनीति में जोरदार हलचल पैदा कर दी है.राजद ने इन नतीजों को पूरी तरह अविश्वसनीय और अप्राकृतिक बताते हुए कहा है कि यह जनादेश नहीं बल्कि चुनाव आयोग का करिश्मा है. राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने चुनाव नतीजों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की भावना और जमीनी सच्चाई के विपरीत आए परिणाम लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में गहरा असंतोष और अविश्वास का माहौल दिखाई दे रहा है. जहां एक ओर सत्ता पक्ष ने जनता के भरोसे की जीत का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष विशेषकर राजद ने इन नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने पटना में जारी बयान में कहा कि यह चुनाव परिणाम किसी भी दृष्टि से जनादेश प्रतीत नहीं होते. उनके अनुसार, जनता के मूड, अभियान की दिशा, वोटिंग पैटर्न और विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर यह परिणाम किसी भी सामान्य राजनीतिक विश्लेषण की परिधि से बाहर हैं. गगन ने सीधे चुनाव आयोग पर संकेत करते हुए कहा कि,
यह जनादेश हो ही नहीं सकता. यह चुनाव आयोग का करिश्मा है. जिन उम्मीदवारों को जीत मिली है, उनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें खुद अपनी जीत का यकीन नहीं था.
अगर यही करना था तो चुनाव की औपचारिकता क्यों?
राजद ने यह भी कहा कि यदि नतीजे पहले से ही तय थे, तो चुनाव कराने का पूरा अभ्यास केवल लोकतांत्रिक औपचारिकता मात्र था. चित्तरंजन गगन ने टिप्पणी किया कि,
जब यही करना था तो चुनाव का नाटक ही नहीं करवाना चाहिए था. ऐसी स्थिति में तो सभी को बिना मतदान के ही जीत का प्रमाणपत्र दे दिया जाता.
राजद का यह बयान स्पष्ट रूप से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता है, जो राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

