बिहार(BIHAR) : बिहार में बीते 11 नवंबर को आखिरी चरण का मतदान थम चुका है, लेकिन सूबे की गलियों से लेकर चौपालों तक बस एक ही सवाल गूंज रहा है, “कौन थामेगा सत्ता की बागडोर?” लोगों की नजरें अब शुक्रवार को खुलने वाले इलेक्शन रिजल्ट्स के पिटारे पर टिकी हैं। इसी बीच, कई चैनल और एजेंसियां अपने-अपने एग्जिट पोल के पत्ते खोल चुकी हैं। और उनमें से ज्यादातर के इशारे कुछ यूं हैं, “बिहार में फिर नीतीश कुमार की वापसी की आहट सुनाई दे रही है।” बुधवार को जारी एक्सिस माई इंडिया के सर्वे ने बिहार की सियासी धड़कन को बयां कर दिया है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर 42 हजार लोगों से बात कर बनाई इस रिपोर्ट में कुछ दिलचस्प इशारे छिपे हैं, रिपोर्ट में वोट शेयर का हाल एनडीए : 43%, महागठबंधन : 41%, जनसुराज (प्रशांत किशोर) 4% एवं अन्य 12% बताया गया। 48% महिलाओं ने NDA पर भरोसा जताया, वहीं, 37% ने महागठबंधन को चुना। यहां टक्कर लगभग बराबरी की रही, 42% ने NDA, 43% ने महागठबंधन को वोट दिया। निजी कर्मचारी ने NDA को 43%, महागठबंधन को 38% वोट दिया। सरकारी कर्मचारी ने NDA को 43% एवं महागठबंधन को 37% वोट दिया। इतिहास के पन्नों में गांधी के सत्याग्रह की गवाही देने वाला चंपारण, अब एक बार फिर सत्ता संघर्ष का केंद्र बन गया है। यहां NDA को 12 सीटें और महागठबंधन को 9 सीटें मिलने का अनुमान है। वोट शेयर में भी NDA थोड़ी बढ़त पर यानि 44% बनाम 41%। सीमांचल में इस बार हवा महागठबंधन के हक में बहती दिख रही है। यहां 24 सीटों में से महागठबंधन 15 सीटें, NDA 8 सीटें एवं जनसुराज 1 सीट हासिल कर सकती है। कोसी क्षेत्र की 31 सीटों पर मुकाबला ‘कांटे का’ बताया जा रहा है। NDA 16 सीटें, महागठबंधन 15 सीटें एवं जनसुराज को यहां 4% वोट, जबकि अन्य को 11% मिलने का अनुमान है। नतीजों से पहले बिहार में ‘सियासी सन्नाटा’ है, हर नुक्कड़ पर चर्चा है, कोई कहता है, “नीतीश बाबू फिर लौटेंगे”, तो कोई फुसफुसाता है, “इस बार जनता कुछ नया लिखेगी…”
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

