राँची(RANCHI): डिजिटल युग के धोखेबाज अब जंगल में नहीं, मोबाइल स्क्रीन के पीछे छिपे हैं। रांची के एक व्यक्ति से 3 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधी दीप मजूमदार को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर से गिरफ्तार किया है। CID जांच से खुलासा हुआ है कि आरोपी ने नामी वित्तीय संस्थाओं के नाम पर फर्जी इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप बनाकर “TYERS HNI” नामक प्लेटफॉर्म के जरिये ठगी की साजिश रची थी। पीड़ित को पहले “FYERS SECURITIES PRIVATE LIMITED” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। उसे “FYERS” नाम का एक ऐप डाउनलोड करवाया गया, जहां स्क्रीन पर दिखाया गया मुनाफा तो नकली था, लेकिन खाते से निकलते करोड़ों रुपये असली थे। धीरे-धीरे भरोसे का जाल बुनते हुये पीड़ित से 3.75 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिये गये।
तकनीकी निगरानी से पकड़ा गया ठग
CID की टेक्निकल टीम ने महीनों की मेहनत और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिये दीप मजूमदार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर से दबोचा। जांच में सामने आया कि आरोपी के नाम से जुड़े Bandhan Bank खाते पर पूरे देश के कई राज्यों से शिकायतें दर्ज हैं, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित कुल 17 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। CID ने अपील की है कि “व्हाट्सएप, टेलीग्राम या गूगल ऐड के जरिए आने वाले इन्वेस्टमेंट लिंक से दूर रहें। किसी अनजान ऐप या लिंक पर रजिस्टर न करें। वहीं, न ही किसी अनजान बैंक खाते या UPI ID में पैसा ट्रांसफर करें।” निवेश के लिये केवल सरकार द्वारा अधिकृत ऐप या पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और हर जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही निवेश करें। अगर ठगी का शिकार हो गये हैं तो साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930 वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in या फिर अपने नजदीकी थाना या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज करायें।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

