झारखंड (JHARKHAND):लोगों की नींद खुली ही थी कि उन्हें मझिआंव अंचल के आवासीय परिसर में हाईवोल्टेज ड्रामा की सूचना मिली। यह सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैली। लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। शनिवार सुबह अंचल पदाधिकारी प्रमोद कुमार का थाना भवन के पास स्थित आवास पर पत्नी श्यामा रानी और उनके परिजन हंगामा कर रहे थे। उनकी पत्नी आवास के अंदर सीओ के साथ किसी दूसरी महिला को देखने पर भड़की हुई थी। श्यामा बताती हैं कि उन्हें सूचना मिलने पर वह अहले सुबह करीब चार बजे ही यहां पहुंच गई थी। गेट खोलने के लिए पहले सीओ को फोन किया पर उन्होंने रिसिव नहीं किया।
उसके बाद वहां तैनात गार्ड को आवाज लगाई। बाउंड्री के अंदर जाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खोला गया तो उन्होंने भी बाहर से ताला जड़ दिया। उसके बाद उसकी सूचना स्थानीय थाना को दी। उनके साथ आए परिजन आवास के चारों तरफ घेराव कर रखा जबकि वह दरवाजे पर ही बैठ गई। सुबह होते ही आस-पास के लोग के लोग काफी संख्या एकत्रित होने लगे। देखते ही देखते भीड़ लग गई। उसके बाद बाहर से उसकी पत्नी और घर के अंदर से सीओ के बीच तीखी बहस हुई। घर के बाहर उनकी पत्नी तो खिड़की से सीओ उलझते नजर आए। सूचना पर थाना प्रभारी ओमप्रकाश टोप्पो, एएसआई कामेश्वर राम भी दलबल के साथ सीओ आवास पहुंचकर जानकारी ली। उसी बीच सीओ दरवाजा बंद पाकर घर की सीढ़ी के माध्यम से बाहर निकलने के प्रयास में प्रथम तल्ला से होते हुए बालकोनी से नीचे आने लगे। उसके बाद छज्जा पर आकर बैठ गए। उसके बाद उन्हें किसी तरह स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर नीचे उतारा। उसके बाद पुलिस ने सभी के सामने बंद ताले को खोलकर सीओ के आवास से चंदवा की 30 वर्षीया महिला को बाहर निकालकर पुलिस कस्टडी में लेकर गढ़वा महिला थाना भेज दिया। लगभग 7 घंटे तक सीओ आवास पर चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच सूचना पर सीओ के पिता गया के पूर्व सांसद रामजी मांझी भी मौके पर पहुंचे। वह 1999 से 2004 तक गया के सांसद रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीओ का बर्ताव अशोभनीय है। सीओ का नैतिक पतन हो गया है। उन्होंने विरोध करने पर मारपीट भी की। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह गया में मामले में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। सीओ के ससुर सह पूर्व सांसद ने बताया कि प्रतिष्ठित पद पर होते हुए उन्हें इस तरह की घिनौना हरकत नहीं करनी चाहिए थी। सीओ की पत्नी श्यामा ने आरोप लगाया कि उनके पति का पूर्व में भी संबंध रहा है। उक्त महिला द्वारा उनके पति पर केस भी किया गया था। बाद में हम सभी के प्रयास से विवाद को खत्म कराया गया था। उस दौरान उनके पति द्वारा ऐसा कोई भी कार्य नहीं करने का भरोसा दिया गया था। उसके बाद भी उनमें सुधार नहीं आया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर वह मझिआंव आई थी। आने पर देखा कि उनका पति किसी अन्य महिला के साथ बेडरूम में है। उसके बाद आवास के बाहर ताला बंद कर दिया। थाना द्वारा जब ताला खोला गया तो चंदवा की मुस्कान शर्मा नामक महिला मिली। उसे पुलिस ने कस्टडी में ले लिया। उधर मामले में थाना प्रभारी ओमप्रकाश टोप्पो ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। उन्हें काफी समझाया गया। उसके बाद महिला को बाहर निकालकर गढ़वा महिला थाना भेज दिया गया। सीओ की पत्नी श्यामा रानी की ओर से आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंन बताया कि सीओ के द्वारा मोबाइल से अपनी पत्नी सहित तीन के खिलाफ मारपीट करने की जानकारी दी है। मामले में अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

