धनबाद(SINDRI): शहरपुरा शिव मन्दिर के प्रांगण में आयोजित कथा आयोजक, प्रमुख यजमान अमोद कुमार सिंह एवं उनकी धर्म पत्नी उषा देवी समस्त परिवार सहित नगर वासियों से भागवत कथा का आनन्द प्राप्त किया – व्यास-सुश्री ब्रज प्रिया किशोरी जी ने आज की भाग गृहस्थाश्रम का वर्णन किया – हम सब गृहस्थाश्रम को बोझ समझते हैं-लेकिन हम सबको पता होना चाहिए कि अन्य आश्रम में बहुत तपस्या के वाद जो फल प्राप्त होता है वह फल ग्रहस्थियां को कर्म करते हुए राम का नाम लेने से प्राप्त होता है। भगवान शिव और सती के विवाह का पावन प्रसंग एवं हम सबके जीवन को पावन बनाने वाली आक्रीती, देव हूती प्रसूती का दिव्य चरित्र मनु महाराज के दो पुत्र प्रियव्रत और उत्तान पाद एवं ध्रुव जी का विस्तार से वर्णन किया। पूरुजन पूरूजनो का व्याख्या करते हुए कहा कि हम मानव अनेक शरीर धारण करने के पश्चात इस नौ द्वार वाला शरीर धारण करते है तो हमें सुनीति से जीवन निर्वाहन करना चाहिए-न कि सुरूची से- आगे जड़ भरत का पावन चरित्र के वाद प्रमुख 28 नरको का वर्णन कर कथा का विश्राम किया ।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

