पटना(PATNA) : बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। महागठबंधन ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिये अपना घोषणापत्र जारी कर दिया, जिसे खुद तेजस्वी यादव ने “तेजस्वी का प्रण पत्र” नाम दिया। तेजस्वी के शब्दों में, यह दलों का नहीं, दिलों का प्रण पत्र है। अगर हमें अपने प्राण देने पड़ें, तो भी बिहार को नंबर वन बनायेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि आज का दिन हमारे लिये खास है। हम बिहार को बनाने निकले हैं, बस सत्ता पाने नहीं। महागठबंधन का यह घोषणा पत्र सिर्फ चुनावी वादा नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान के नये बिहार का संकल्प है। मंच पर उनके साथ सभी घटक दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहे, और माहौल में एक नई ऊर्जा, एक नई उम्मीद गूंजती रही।
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में सियासत की तल्खी और संवेदना दोनों को पिरोया, कुछ बाहरी शक्तियां बिहार को उपनिवेश बनाना चाहती हैं, लेकिन हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर भी कहा भाजपा ने नीतीश जी को पुतला बना रखा है। अमित शाह खुद कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री कौन होगा, यह विधायक दल तय करेगा।
यानी भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने ही नहीं जा रही। तेजस्वी बोले, हमारा चेहरा जनता के बीच साफ है,
पर NDA अब भी छाया ढूंढ रहा है।
रोजगार और सम्मान — प्रण पत्र का सबसे बड़ा वादा
तेजस्वी यादव ने कहा, बजट की चिंता मत कीजिये। हर परिवार को नौकरी देंगे। हम झूठे वादे नहीं करते, हर बात विशेषज्ञों से चर्चा के बाद कही गई है। उन्होंने दावा किया कि 2020 में किये गये वादों को 17 महीनों में पूरा किया गया और अब वे बिहार के हर घर तक रोजगार पहुंचायेंगे। तेजस्वी बोले, 14 नवंबर को बनने वाली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई बेटा या बेटी रोजी की तलाश में अपने माता-पिता को छोड़कर बाहर जाने को विवश न हो। इस बीच VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा,महागठबंधन का संकल्प पत्र बिहार के पुनर्निर्माण की ईंट है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुये कहा, NDA को तो अपना घोषणापत्र जारी करने की भी जरूरत महसूस नहीं होती, क्योंकि उन्हें लगता है बिहार पहले से खुशहाल है। लेकिन अब जनता बदलाव चाहती है।
NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

