
धनबाद(SINDRI): आस्था का महापर्व छठ के चंद दिन ही बचे हुए हैं। परंतु छठ घाटो पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आई. एम. टाइप छठ तलाब, सूर्य मंदिर के समीप छठ घाट की स्थिति दैनीय है । नगर निगम के अधिकारी निरीक्षण करें तो पता चलेगा, कि छठ घाट की क्या स्थिति है ,रोडा़बाध सेवन लेक तालाब की सफाई श्रद्धालुओं के द्वारा ही शुरू की गई है , तथा नगर निगम की प्रतीक्षा किया जा रहा है। छठ करने वाले परिवारों एवं,छठवत्तियों में चिंता का विषय बना हुआ है कि छठवर्ती भगवान भास्कर को तालाब में अर्ध्य कहां कैसे देंगे? तालाब की सफाई नहीं हैं, चारों तरफ कुडा , कचड़ा, गंदगी घास पात बिखरे हुए हैं, यहां साफ सफाई को लेकर नगर निगम की ओर से कोई गंभीरता नहीं देखी जा रही है। विसर्जित प्रतिमाओं के अवशेष एवं अन्य कचरे से तालाबों के किनारे पूरी तरह दूषित हो चुका है। समय रहते यदि इस समस्या का समाधान नहीं हो सका तो इस पवित्र त्योहार में छठवत्तियो को गंदगी में घूस कर परिक्रमा करने ,स्नान करने और पूजा करने पर विवश होना पड़ेगा।
सिंदरी में छठ पूजा करने के लिए लोग शहरपुरा शिव मंदिर छठ तालाब,रागामाटी आई एम टाइप छठ तालाब,ए सी सी छठ तालाब,बी आई टी छठ तालाब,सवेन लेक छठ तालाब,डोमगड दामोदर नदी छठ घाट पर लोग महा पर्व छठ पूजा करने पहुंचते हैं।
विदित हो कि दूर्गापूजा में सभी जगह स्ट्रीट लाइट, और सड़कों को दुरूस्त करने की बड़ी बड़ी बाते तो की गई। किन्तु व्यवस्था टाय,टाय फिस हो गया जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। सड़कों के गड्ढे भरी नहीं गई ,गड्ढा मुक्त सड़कों में सिर्फ खाना पूर्ति की गई है। ठेकेदार द्वारा डस्ट व गिट्टी मिलाकर सड़क को गड्ढा मुक्त किया गया है। जो बड़ी हादसा को निमंत्रण अभी भी सड़कें दे रही है। या यूं कहें कि छठ घाट की सभी मार्ग चुनौतियों से भरा हुआ है। खाली पैर और दंडवत जाने वाले छठ वर्तीयों को पथरीले और टुटे फुटे मार्गों से होकर गुजरना होगा ,जिससे चोटिल होने की संभावना बनी रहेगी। नगर निगम के स्थानीय पदाधिकारियों को समय रहते कार्रवाई करने की जरूरत है ना की मौन रहने की। पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समाज सेवियों को इस समस्या के समाधान के लिए आगे आने की जरूरत है, सड़क, विधुत,नगर निगम के अधिकारियों के साथ साथ सिंदरी हर्ल,एफ सी आई,आडानी सिमेनट फैक्ट्री प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराना चाहिए।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

