पटना(PATNA) : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने अनुच्छेद 324 और Representation of the People Act, 1951 की धारा 20B के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
केंद्रीय और पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती पूरी
चरण-1 और चरण-2 के चुनावों के लिए कुल 121 सामान्य पर्यवेक्षक और 18 पुलिस पर्यवेक्षक पहले चरण में, जबकि 122 सामान्य पर्यवेक्षक और 20 पुलिस पर्यवेक्षक दूसरे चरण में नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों का निरीक्षण कर चुके हैं और अब लगातार निगरानी में जुटे हैं।
पारदर्शिता और शिकायत समाधान पर विशेष जोर
आयोग ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान करें। सभी मतदान केंद्रों का दौरा कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चले और कोई गड़बड़ी न हो।
नई तकनीकी पहल की निगरानी भी करेंगे अधिकारी
चुनाव आयोग की नई पहल — ई-प्रणाली, वोटर फ्रेंडली सुविधाएं और मतदाता सहायता केंद्र (Voter Facilitation Centers) — के कार्यान्वयन की भी जिम्मेदारी पर्यवेक्षकों को दी गई है। इससे मतदान केंद्रों पर पारदर्शिता और सुविधा दोनों में सुधार होगा।
मतदाताओं में बढ़ेगा भरोसा, लोकतंत्र होगा मजबूत
आयोग का उद्देश्य केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि मतदाताओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव देना भी है। पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि हर मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग बिना किसी बाधा के कर सके। चुनाव आयोग की सक्रिय निगरानी से बिहार में इस बार निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव की उम्मीद की जा रही है।

