पटना(PATNA): बिहार में सत्ताधारी NDA के नए सर्वे के बाद अंदर ही अंदर खलबली मच गई है। इस इंटरनल सर्वेक्षण से पता चला है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दोनों प्रमुख गठबंधनों के वोट शेयरों में केवल एक प्रतिशत का अंतर रह सकता है। कुल मिलाकर इस बिहार चुनाव में NDA का ही सर्वे उसके महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के साथ कड़ी टक्कर का इशारा कर रहा है।
NDA ने चुनाव से पहले ही कराया सर्वे!
एक अखबार के अनुसार NDA के सर्वे में उसे 243 में से 130 सीट हासिल करते हुए दिखाया गया है। इससे माना जा रहा है कि NDA बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की अपनी परफॉर्मेंस में सुधार करता हुआ नजर आ रहा है। पिछले चुनाव में NDA को 125 सीटें मिली थीं.
जन सुराज को भी 9% वोट का अनुमान
इस सर्वे में बीजेपी, जदयू, नीतीश कुमार के अलावा प्रशांत किशोर के बार में भी जानकारी दी गई है। अखबार के अनुसार इस सर्वे में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी को लगभग 9% वोट मिलने के बारे में अनुमान लगाया गया है।
कांग्रेस के सर्वे भी नीतीश के ही पक्ष में
अखबार के अनुसार कांग्रेस की एक ग्राउंड रिपोर्ट से ये पता चल रहा है कि नीतीश कुमार को इस बार एंटी इनकंबेंसी फैक्टर का सामना न के बराबर करना पड़ेगा। वो भी तब जब वो 2005 से ही बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इसी बीच जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि ‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में लोग गांव से शहर तक विकास देख सकते हैं। तेजस्वी हर परिवार में एक सरकारी नौकरी का वादा कर रहे हैं, जो बिहार सरकार में किसी की भी सत्ता रहते और राजकोष को देखते हुए मुश्किल है। लेकिन हमारी सरकार जीविका दीदी योजना सुनिश्चित कर रही है, जिसके तहत हर महिला को ₹ 10,000 मिलते हैं। हमने लगातार महिलाओं को सशक्त बनाया है।’
क्या आया है NDA के सर्वे में
एनडीए के सर्वे में विपक्षी महागठबंधन यानी RJD-कांग्रेस-लेफ्ट-VIP और RLJP को 102 से 107 सीटें और अन्य को दो से तीन सीटें दी गई हैं, जिसमें जन सुराज भी शामिल है। जन सुराज के बारे में इस सर्वे में माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर 2020 चुनाव में चिराग पासवान जैसा काम कर सकते हैं। उस वक्त चिराग पासवान की पार्टी ने सिर्फ एक सीट जीती थी, लेकिन कई सीटों पर NDA खास कर जदयू को नुकसान पहुंचा दिया था। हालांकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें मिलीं, जबकि विपक्ष के महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं। लेकिन दोनों गठबंधनों के बीच वोट शेयर का अंतर सिर्फ 0.03% था।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

