झारखंड: झारखंड में कुड़मी को एसटी की सूची में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासियों ने गोलबंदी शुरू कर दी है। विरोध 13 अक्टूबर को धनबाद में आदिवासियों की ओर से जनाक्रोश रैली निकाली जाएगी। इसकी सफलता को लेकर सोनेत संथाल समाज ने टुंडी के तीस गांवों का दौरा, जनसंपर्क व नुक्कड़ सभा का आयोजन कर लोगों को रैली में शामिल होने की अपील की।
सोनेत संथाल समाज के केन्द्रीय कोषाध्यक्ष रतिलाल टुडू की अगुवाई में मंझलीटांड, खरमो, मिर्जापुर, पर्वतपुर, सालपहाड़, गुवाकोला, चुनुकडीहा, बेगनोरिया,नयाडीह, हांसागौड़ा गांव जनसंपर्क के साथ नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए रतिलाल टुडू ने कहा कि कुड़मियों की एसटी बनने की मंशा कभी सफल होने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल लाभ पाने के लिए बार-बार आदिवासी बनने का प्रयास कर रहे हैं। यह संघर्ष केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे देश में आदिवासी एकजुट होकर विरोध करेंगे। जब-जब कुड़मी समाज आदिवासी दर्जे की मांग करेगा आदिवासी समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आदिवासियों की हक और अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुटता का परिचय देना है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जनाक्रोश रैली में सभी पारंपरिक वेशभूषा और पारंपरिक हथियार के साथ धनबाद पहुंचे। टुडू के अलावा सनातन सोरेन, संजय सोरेन, बिरजू सोरेन, राकेश मुर्मू, सोहेल हेम्ब्रम आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

