बिहार(BIHAR): बिहार सरकार प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को मज़बूत बनाने के लिए कई हाईवे और फोरलेन सड़कों को अपग्रेड कर रही है। इसी कड़ी में भोजपुर-छपरा फोरलेन को सिक्स लेन में बदला जाएगा। यह परियोजना केवल सड़क चौड़ीकरण नहीं बल्कि तीन महत्वपूर्ण जिलों को बेहतर तरीके से जोड़ने का बड़ा कदम है।
क्यों जरूरी था फोरलेन को सिक्स लेन में बदलना?
भोजपुर-छपरा फोरलेन पर हर दिन भारी संख्या में ट्रक और बड़े वाहन गुजरते हैं, जिसके कारण जाम लगना आम बात हो गया है। बालू से लदे ट्रकों की लंबी कतारें घंटों तक यातायात रोक देती हैं। इसके अलावा, सड़क पर गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए इसे सिक्स लेन में अपग्रेड करना आवश्यक हो गया।
किन जिलों को होगा फायदा?
इस परियोजना से तीन प्रमुख जिलों-छपरा (सारण), भोजपुर (आरा) और पटना-को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। पटना से छपरा और भोजपुर तक पहुंचना अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
प्रशासन की तैयारी और टेंडर जारी
भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया ने पथ निर्माण विभाग को इस फोरलेन को सिक्स लेन बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इसका मतलब है कि परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रशासन की गंभीरता और तेज कार्यशैली को भी दर्शाता है।
सड़क की चौड़ाई कितनी बढ़ेगी?
फिलहाल यह सड़क लगभग 45 फीट चौड़ी है, जो फोरलेन के बराबर है। अपग्रेड के बाद यह सड़क लगभग 63 फीट चौड़ी हो जाएगी। सड़क को दोनों तरफ से बढ़ाया जाएगा और मिट्टी भराई करके उसे मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भारी वाहनों का दबाव झेल सके।
कुल लंबाई और निर्माण क्षेत्र
भोजपुर जिले की सीमा में यह फोरलेन करीब 15 किलोमीटर लंबी है। इसी पूरे हिस्से को सिक्स लेन में बदला जाएगा। यह खंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यही ट्रकों और यात्रियों की सबसे अधिक आवाजाही वाला हिस्सा है।
कुल लागत और DPR तैयार
इस परियोजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार किया गया है। इस बजट से सड़क चौड़ीकरण, मिट्टी भराई, ड्रेनेज सिस्टम, साइड लेन और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। निवेश के इस स्तर से परियोजना की भव्यता और महत्व स्पष्ट होता है।
बालू ट्रकों की समस्या – मुख्य कारण
सारण और भोजपुर जिले बालू खनन के बड़े केंद्र हैं। हर दिन सैकड़ों बालू ट्रक इस फोरलेन से गुजरते हैं, जिससे सड़क जाम और टूट-फूट का मुख्य कारण यही बनता है। इसलिए प्रशासन ने निर्णय लिया कि जब तक सड़क को सिक्स लेन नहीं बनाया जाएगा, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं है।
सिक्स लेन बनने के बाद बड़े बदलाव
सिक्स लेन सड़क बनने के बाद यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आपातकालीन सेवाएं तेजी से चल सकेंगी। व्यापार बढ़ेगा, ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और नए उद्योगों के लिए यह क्षेत्र और आकर्षक बनेगा। रियल एस्टेट और पर्यटन को भी बड़ा फायदा होगा।
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

