हरियाणा(HARIYANA): हरियाणा के भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी वाई. पूरन कुमार की कथित खुदकुशी की जांच के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार को इस SIT का प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनकी टीम में कुल 6 लोग होंगे। इससे पहले वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 अफसरों के खिलाफ गुरुवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चंडीगढ़ पुलिस ने यह कदम तब उठाया, जब नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में पदस्थापित रेजिडेंट कमिश्नर डी. सुरेश की अगुवाई में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के प्रतिनिधियों ने चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और इस मामले की निष्पक्ष और एक निश्चित समय सीमा के अंदर जाँच की माँग की। इस प्रतिनिधिमंडल के मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही चंडीगढ़ पुलिस ने SIT गठन का ऐलान किया है।
टीम में कौन-कौन?
डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर 11 (पश्चिम) पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज FIR संख्या 156/2025 की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आईजी पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। उनके अलावा इस टीम में एसएसपी (यूटी) कंवरदीप कौर, एसपी (सिटी) केएम प्रियंका, डीएसपी (यातायात) चरणजीत सिंह विर्क, एसडीपीओ (दक्षिण) गुरजीत कौर और इंस्पेक्टर जयवीर सिंह राणा (एसएचओ, पीएस -11) सदस्य होंगे।
त्वरित और गहन जाँच करने के निर्देश
ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस टीम को साक्ष्य संकलन, गवाहों की जाँच, विशेषज्ञों की राय और कानूनी सलाह सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित, निष्पक्ष और गहन जाँच करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जाँच और एसआईटी के तत्काल गठन का आश्वासन दिया है।
परिजनों ने 15 अधिकारियों पर आरोप लगाए
बता दें कि चंडीगढ़ पुलिस ने आईपीएस अफसर की सुसाइड नोट के आधार पर सेक्टर-11 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 3(5) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3 (1) (आर) के तहत प्राथमिकी क्रमांक 156 दर्ज की है। पूरन कुमार के परिजनों ने 15 अधिकारियों पर आरोप लगाये थे, जिनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का नाम भी शामिल था, लेकिन प्राथमिकी में उनका नाम नहीं जोड़ा गया है। यह पहली बार है जब हरियाणा में पुलिस महानिदेशक सहित इतने वरिष्ठ अधिकारियों कि खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज किया गया है।
2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को कथित तौर पर चंडीगढ़ स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है,जिसमें कई अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। उस नोट में नौकरी का तनाव, मानसिक उत्पीड़न और असंतोष का भी जिक्र किया गया है।
NEWSANP के लिए हरियाणा से ब्यूरो रिपोर्ट

