झारखंड(JHARKHAND):झारखंड के धनबाद में वायु प्रदूषण जानलेवा बनता जा रहा है। पलूशन पर रोक लगाने के लिए आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीसीसीएल,नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने ग्रामीण एकता मंच की जनहित याचिका सुनवाई की है।
सुनवाई के दौरान धनबाद नगर निगम की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर अदालत को बताया गया कि बीसीसीएल के क्षेत्रों का रखरखाव भी नगर निगम को ही करना पड़ता है, लेकिन बीसीसीएल से आवश्यक फंड नहीं मिलने के कारण रखरखाव और सफाई कार्यों में कठिनाई होती है।
नगर निगम की ओर से कहा गया कि फंड की कमी के चलते प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई उपाय प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में एक मामला पहले से ही अदालत में लंबित है। बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड),नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
अदालत ने बीसीसीएल को निर्देश दिया है कि वह नगर निगम के दावे पर अपना जवाब दाखिल करे और यह स्पष्ट करे कि जब रखरखाव का दायित्व निगम निभा रहा है, तो उसे फंड क्यों नहीं दिया जा रहा है। वहीं, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शपथपत्र दाखिल कर बताया कि पिछले कुछ महीनों में धनबाद के वायु प्रदूषण के स्तर में आंशिक कमी दर्ज की गई है।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूर
