धनबाद(SINDRI): कोलयांचल के सिंदरी शहर में सोमवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर बंगाली समाज द्वारा लक्खी पूजा (कोजागरी लक्ष्मी पूजा )मनाई गई। इस पूजा का विशेष महत्व है इसे दुर्गा पूजा के तुरंत बाद मनाया जाता है। महिलाएं ने घरों को साफ सफाई कर सजावटी फूलों और अन्य सजावटी सामानों से सजाया । चावल के घोल से आंगन में अल्पना (रंगोली )बनाई और मिट्टी के दिये प्रज्वलित किए । विधि विधान से मंत्र का जाप करते हुए लक्ष्मी को चूड़ा,दही, नारियल के गुड से बने लड्डू ,खीर और अन्य पारंपरिक पकवानों और फलों का भोग लगाया । मान्यता के अनुसार 11 प्रकार के व्यंजनों का भोग मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है। बंगाली समुदाय का मानना है कि रात लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती है और अपने भक्तों के घरों में धन समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। यह त्योहार बंगाली संस्कृति का एक अभिन्न अंग है और बंग समाज इसे उत्साह और खुशी के साथ मनाता है। इस दौरान बंग समाज के लोग आस पड़ोस के लोगों को आमंत्रित कर प्रसाद वितरित करते हैं।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

