
जामताड़ा(JAMTADA):जिले के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद (भा.प्र.से.) ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित कर “आदि कर्मयोगी अभियान” की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य जनजातीय समाज को नेतृत्व क्षमता, सेवा और समर्पण की भावना के साथ सशक्त बनाना है।
उपायुक्त ने कहा कि जामताड़ा जिले के छह प्रखंडों के 110 पंचायतों के 480 गांवों में यह अभियान संचालित होगा, जिसके तहत लगभग 7200 जनजातीय लोग “आदि कर्मयोगी” के रूप में प्रशिक्षित किए जाएंगे।
अभियान की मुख्य बातें
- 1 से 3 सितंबर तक जिला स्तर पर District Process Lab (DPLS) और 8 से 9 सितंबर तक सभी प्रखंडों में Block Process Lab (BPLS) का आयोजन हुआ।
- 13 से 16 सितंबर तक 95 क्लस्टरों में कार्यशालाएं संपन्न हुईं।
- 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सभी 480 गांवों में आदि सेवा पर्व मनाया जाएगा।
- 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित कर Village Action Plan पारित किया जाएगा।
- प्रत्येक गांव में कम से कम 15 जनजातीय लोगों को विशेष नेतृत्व प्रशिक्षण मिलेगा।
उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक गांव को अधिकारियों द्वारा गोद लिया जाएगा और अभियान के नोडल पदाधिकारी के रूप में परियोजना निदेशक आईटीडीए, जुगनू मिंज को नामित किया गया है।
किन गांवों में चलेगा अभियान
- जामताड़ा प्रखंड – 17 पंचायत, 41 गांव
- करमाटांड़ – 17 पंचायत, 61 गांव
- नारायणपुर – 23 पंचायत, 88 गांव
- फतेहपुर – 15 पंचायत, 124 गांव
- नाला – 23 पंचायत, 99 गांव
- कुंडहित – 15 पंचायत, 67 गांव
कुल 110 पंचायतों के 480 गांव इस अभियान का हिस्सा बनेंगे।
प्रेस वार्ता में अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार और विभिन्न प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। उपायुक्त ने मीडिया से अपील की कि वे अभियान को सफल बनाने और व्यापक जनजागरूकता फैलाने में सहयोग करें।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

