राँची(RANCHI): झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) में पढ़ने वाले एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर स्टाइपेंड मिलेगा। गुरुवार को अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई रिम्स की स्थायी वित्त और लेखा समिति की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।
नए पदों पर नियुक्ति और रिक्तियों की भरती
बैठक में सहायक प्राध्यापक और वरीय रेजिडेंट के नौ नए पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही संस्थान में अन्य रिक्त पदों को भरने का भी रास्ता साफ कर दिया गया। समिति ने रिम्स के प्रस्तावित नए पदों के सृजन के लिए स्पष्ट वेतनमान और शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा देने का निर्देश दिया।
ब्लड वैन और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
बैठक में ब्लड मोबाइल ट्रांसपोर्टेशन वैन खरीदने की अनुमति भी दी गई। सबसे बड़ा निर्णय एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का रहा। समिति ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि रिम्स के छात्रों को एम्स के बराबर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
वित्तीय पारदर्शिता और भवनों का आधुनिकीकरण
रिम्स द्वारा प्रस्तुत 2023-24 का वार्षिक लेखा विवरण समिति ने सिद्धांत रूप से मंजूर किया, लेकिन अंतिम स्वीकृति के लिए इसे सीएजी के पास भेजने का फैसला लिया गया। इसके अलावा निर्देश दिया गया कि संस्थान की सभी इमारतों का आधुनिकीकरण किया जाए, ताकि मरीजों और परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
ट्रॉमा सेंटर और नई सुविधाएं
बैठक में बीएसएनएल भवन की जर्जर स्थिति पर चर्चा हुई। इसे पहले ही भवन निर्माण विभाग द्वारा कंडम घोषित किया जा चुका है। निर्णय लिया गया कि इस भवन को हटाकर यहां आधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही, रिम्स में एचएमआईएस प्रणाली को सीडैक के माध्यम से लागू करने और दो नई उच्च गुणवत्ता वाली कैंटीन सेवाएं शुरू करने पर भी सहमति बनी।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

