जामताड़ा(JAMTADA):जामताड़ा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में भू-अर्जन से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा रूपनारायणपुर से पोखरिया मोड़ तक सड़क निर्माण परियोजना और उससे जुड़े रैयतों को मुआवज़ा भुगतान का था।
बैठक में उपायुक्त ने साफ कहा कि बेवजह अड़चन और अड़ंगा डालने की प्रवृत्ति परियोजनाओं की प्रगति में बाधा बन रही है। उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऐसी कोशिशें कहीं न कहीं महत्वाकांक्षी योजनाओं को रोकने या फिर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की मंशा का संकेत हैं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि रैयतों का मुआवज़ा नियमानुसार और शीघ्र भुगतान किया जाए। उन्होंने एनएचएआई परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने, वाउचर संग्रहण के लिए कैंप और डोर टू डोर व्यवस्था करने और प्राप्त एनओसी के सत्यापन को प्राथमिकता देने की बात कही।
बैठक में अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, कार्यपालक अभियंता एनएचएआई, साइट इंजीनियर और संबंधित अंचल अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, उपायुक्त का संदेश स्पष्ट है – विकास परियोजनाओं में बाधा डालने वालों पर प्रशासन कड़ी नज़र रखेगा और किसी भी हाल में योजनाओं को अटकने नहीं देगा।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

