काठमांडू(NEPAL) : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने इस्तीफे के तीन दिन बाद पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए बयान दिया है कि उन्होंने देश नहीं छोड़ा है, बल्कि वे अभी भी नेपाली सेना के शिवपुरी बैरक में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि “मेरी ज़िद ने मुझे कई बार मुश्किल फैसले लेने पर मजबूर किया, लेकिन मैं कभी भी अपने देश से भागा नहीं।”
हाल ही में नेपाल में बढ़ते युवा विरोध प्रदर्शनों और सरकार के कुछ फैसलों पर जनता की नाराजगी के चलते ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। अब उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट किया है कि राजनीतिक परिस्थितियाँ, विशेषकर भारत के साथ सीमा विवाद, भगवान राम की जन्मभूमि संबंधी बयान और विवादित टिप्पणियाँ, उनकी सत्ता के लिए भारी पड़ीं।
ओली ने यह भी कहा कि अगर लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा पर भारत से कोई समझौता होता, तो शायद उनकी सरकार बच सकती थी। लेकिन उन्होंने अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया, जो उनकी जिद का हिस्सा था — और वही अब उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

