नई दिल्ली(NEW DELHI):हमेशा चर्चा में बने रहने वाले कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। ED द्वारा बैंक लोन फ्रॉड मामले में लिए गए एक्शन के बाद अब उनके ग्रुप की जानी-मानी एक कंपनी के लिए एक और बुरी खबर है। अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलांयस कम्युनिकेशंस को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ‘कारण बताओ’ नोटिस मिला है।
सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने रिलांयस कम्युनिकेशंस को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। बैंक ने कंपनी से पूछा है कि उसके खाते को फ्रॉड क्यों न घोषित कर दिया जाए। बैंक ने 400 करोड़ रुपये का लोन न चुकाने पर आर कॉम के लोन अकाउंट को ‘धोखाधड़ी’ करार दिया है।
रिलायंस कम्युनिकेशन को सेंट्रल बैंक का नोटिस
कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ने रिलायंस कॉम (रिलायंस कम्युनिकेशन) लिए 280 करोड़ रुपये का टर्म लोन, रिलायंस टेलीकॉम के लिए 20 करोड़ रुपये का टर्म लोन और रिलायंस टेलीकॉम को जारी 100 करोड़ रुपये की परफॉरमेंस बैंक गारंटी शामिल है। सेंट्रल बैंक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खातों को फ्रॉड घोषित करते हुए संभावित डायवर्जन और लोन अप्रूवल शर्तों का पालन न करने की बात कही है।
बैंक ने कंपनी को ‘कारण बताओ नोटिस’ प्राप्त होने के 21 दिनों के भीतर लिखित रूप में यह बताने को कहा है कि कंपनी को फ्रॉड क्यों घोषित किया जाए?
ED ने दर्ज किया अनिल अंबानी पर मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने SBI के साथ कथित तौर पर 2,929 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड के लिए रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही एजेंसी ने रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की समूह कंपनियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
इससे पहले ED ने अनिल अंबानी से उनके समूह की कंपनियों के खिलाफ कथित तौर पर करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी पूछताछ की थी। एजेंसी 2017 और 2019 के बीच यस बैंक द्वारा रिलायंस समूह की कंपनियों को दिए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के लोन के कथित हेराफेरी की जांच कर रही है।
एक और बड़े डेवलपमेंट में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 23 अगस्त को SBI से जुड़ी इस जांच के तहत आरकॉम से जुड़े परिसरों और अंबानी के मुंबई स्थित आवास पर तलाशी ली थी।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

