पटना(PATNA): भोजपुरी लोक संगीत की लोकप्रिय गायिका देवी ने अपने जीवन का एक ऐसा साहसिक निर्णय लिया है, जिसने उन्हें केवल कला जगत ही नहीं, बल्कि पूरे समाज में नारी शक्ति की प्रतीक बना दिया है। बिना शादी किए ही देवी ने आधुनिक चिकित्सा पद्धति का सहारा लेकर सिंगल मदर बनने का फैसला किया और हाल ही में ऋषिकेश एम्स में बेटे को जन्म दिया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
देवी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मुझे दुनिया की सारी खुशियाँ मिल गई हैं। मां बनने का यह अहसास मेरे जीवन का सबसे बड़ा सुख है।
परिवार और समाज का समर्थन
मूल रूप से बिहार के छपरा जिले की रहने वाली देवी के इस फैसले का उनके परिवार ने भी पूरा समर्थन किया। उनके पिता प्रो. प्रमोद कुमार का कहना है कि बेटी ने हमेशा समाज को नई दिशा दी है और यह निर्णय भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सोशल मीडिया पर सराहना
देवी के इस कदम ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी। लोग पूछने लगे कि उन्होंने शादी कब की और बच्चे का पिता कौन है। इस पर वरिष्ठ पत्रकार अनूप नारायण सिंह ने स्पष्ट किया कि देवी ने शादी नहीं की है, बल्कि अपनी इच्छा और हिम्मत से यह निर्णय लिया है। हज़ारों लोग उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं और इसे महिला स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय का ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल
देवी का यह कदम इस बात का प्रतीक है कि महिला की पहचान केवल विवाह और पारिवारिक ढांचे तक सीमित नहीं है। वह अपनी शर्तों पर जीवन जीने और फैसले लेने में पूरी तरह सक्षम है। देवी ने साबित किया कि मां बनने का अधिकार सिर्फ समाज की मर्ज़ी पर नहीं, बल्कि महिला की इच्छा पर भी निर्भर है।
स्वच्छ लोकगायन से अंतरराष्ट्रीय पहचान
पिछले दो दशकों से भोजपुरी की यह बेटी भोजपुरी लोक संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा चुकी हैं। भिखारी ठाकुर और महेंद्र मिश्र की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, उन्होंने पद्मश्री शारदा सिन्हा की तरह भोजपुरी संस्कृति की धरोहर को सहेजने का काम किया है। जिस दौर में भोजपुरी संगीत पर फूहड़ता के आरोप लगे, उस दौर में देवी ने अपने साफ-सुथरे लोकगायन से श्रोताओं का दिल जीता।
NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

