Nepal Gen Z Protest: 14 साल की जेल से नेपाल के PM तक, कौन हैं देश छोड़कर भाग रहे केपी शर्मा ओली?

Nepal Gen Z Protest: 14 साल की जेल से नेपाल के PM तक, कौन हैं देश छोड़कर भाग रहे केपी शर्मा ओली?

नेपाल(NEPAL): नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पूरा नाम खड्ग प्रसाद शर्मा ओली है जिन्हें सब केपी ओली के नाम से जानते हैं.उनकी गिनती नेपाल के बड़े सियासी चेहरों में होती है.23 फरवरी 1952 को पूर्वी नेपाल के तेहराथुम जिले में जन्मे ओली एक गरीब परिवार से हैं. उनकी मां का निधन तब हुआ जब वह सिर्फ 4 साल के थे और दादी ने उनका पालन-पोषण किया. आज वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) के चेयरमैन हैं और 15 जुलाई 2024 से नेपाल के 45वें प्रधानमंत्री के तौर पर चौथी बार कुर्सी संभाल रहे हैं. इससे पहले वो 2015-2016, 2018-2021, और 2021 में कुछ महीनों के लिए PM रह चुके हैं. नेपाल में उपजे विद्रोह के बाद उनके देश छोडकर दुबई जाने की खबरें आ रही हैं. इसके अलावा उनके कई मंती भी इस्‍तीफे दे रहे हैं.

14 साल की जेल
ओली का सियासी सफर 14 साल की उम्र से शुरू हुआ जब वह 1966 में राजशाही और पंचायत व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन में कूद पड़े. 1970 में वह नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (CPN) में शामिल हुए लेकिन जल्द ही झापा आंदोलन (1970-73)में हिस्सा लेने के लिए गिरफ्तार हो गए. इस आंदोलन का मकसद सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ना था. इसके बाद 1973 से 1987 तक वह 14 साल जेल में रहे, जिसमें 4 साल सॉलिटरी कॉन्फिनमेंट में गुजरे. जेल से निकलने के बाद वो CPN (ML) में सेंट्रल कमेटी मेंबर बने और 1990 तक लुंबिनी जोन के इंचार्ज रहे.

1991 में पहली बार बने सांसद
1991 में नेपाल में मल्टीपार्टी सिस्टम शुरू होने के बाद ओली झापा-6 से संसद पहुंचे.1994-95 में वह गृह मंत्री बने और 2006-07 में उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. 2014 में ओली CPN-UML के चेयरमैन बने और 2015 में पहली बार PM बने.

2022 में बनी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
ओली को एक तेज-तर्रार और स्मार्ट लीडर माना जाता है. वह अपने विरोधियों पर तीखे तंज कसते हैं और सियासी गठजोड़ में माहिर हैं. 2022 के चुनाव में उनकी पार्टी CPN-UML दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन ओली ने चतुराई से गठबंधन बनाकर सत्ता हासिल की. पहले उन्होंने पुष्पा कमल दहाल (प्रचंड) को PM बनवाया, लेकिन बाद में प्रचंड की पार्टी ने नेपाली कांग्रेस का साथ दिया जिससे गठबंधन टूट गया.फिर ओली ने नेपाली कांग्रेस के समर्थन से 15 जुलाई 2024 को चौथी बार PM की कुर्सी हासिल की. उनके प्रशंसक उन्हें एक राष्ट्रवादी और मेहनती लीडर मानते हैं जो दो बार किडनी ट्रांसप्लांट के बावजूद एक्टिव हैं, लेकिन आलोचक कहते हैं कि वह सत्ता के लिए हर हथकंडा अपनाते हैं और सरकार पर पूरा कंट्रोल रखते हैं.

भारत से तल्ख रिश्ते और विवाद
ओली का भारत के साथ रिश्ता हमेशा तनावपूर्ण रहा है.2015 में नेपाल के नए संविधान को लेकर सीमा नाकाबंदी हुई, जिसके लिए ओली ने भारत पर उनकी सरकार को गिराने का आरोप लगाया. उनकी सरकार ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाने वाला नया नक्शा जारी किया, जिसे भारत ने एकतरफा बताकर खारिज कर दिया.इसके बाद दोनों देशों में बातचीत हुई, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ. ओली ने चीन के साथ रिश्ते मजबूत किए, जिससे भारत के साथ और ठन गई.

नेपाल में क्‍यों हुआ विद्रोह?
नेपाल में इन दिनों विद्रोह की आग लगी हुई है और ये सब केपी शर्मा ओली सरकार की वजह से भड़का है.यहां सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर अचानक से बैन लगा दिया गया जिसके बाद 8 सितंबर 2025 को काठमांडू और दूसरे शहरों में जनरेशन Z (Gen Z)के युवाओं ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जो हिंसक हो गया. इसमें कम से कम 19 लोग मारे गए 300 से ज्यादा घायल हुए और पुलिस ने रबर बुलेट्स, वाटर कैनन और टीयर गैस का इस्तेमाल किया. आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और सोशल मीडिया बैन हटा लिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी अब ओली के इस्तीफे की मांग रहे हैं.

कब लगा सोशल मीडिया पर बैन
सब कुछ 4 सितंबर 2025 को शुरू हुआ, जब ओली सरकार ने Facebook, YouTube, X, WhatsApp, Instagram जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया. वजह बताई गई कि ये कंपनियां नेपाल में रजिस्ट्रेशन के नियमों का पालन नहीं कर रही थीं लेकिन युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना. Gen Z ने ऑनलाइन कैंपेन शुरू किया, जो जल्द ही सड़कों पर उतर आया. काठमांडू में संसद के बाहर हजारों युवा इकट्ठा हुए, नारे लगाए Shut down corruption, not social media! और Unban social media. युवाओं का कहना था कि सोशल मीडिया बैन ने हमें भड़काया, लेकिन ये अकेली वजह नहीं है. PM ओली ने पहले तो इसे Gen Z troublemakers कहा और बैन हटाने से इनकार कर दिया, लेकिन हिंसा के बाद कैबिनेट मीटिंग में बैन वापस ले लिया.सोशल मीडिया बैन के अलावा भ्रष्टाचार (corruption) और कमजोर अर्थव्यवस्था को भी असल मसला बताया जा रहा है.नेपाल में 2008 से 14 सरकारें बदल चुकी हैं, कोई भी अपना 5 साल का टर्म पूरा नहीं कर पाई. ओली की सरकार पर आरोप है कि वो भ्रष्टाचार रोकने के वादे भूल गई. युवा टैक्स देते हैं, लेकिन पैसे का सही इस्तेमाल नहीं दिखता- नौकरियां नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर खराब और महंगाई आसमान छू रही.

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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