धनबाद(DHANBAD): अपनी शताब्दी वर्षगांठ के मौके पर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद 12 और 13 सितम्बर 2025 को अंतरराष्ट्रीय खनन इंजीनियरिंग सम्मेलन – डिजिटल इंटेलिजेंस फॉर ग्रीन माइनिंग एंड इंडस्ट्रियल नेटवर्क्स (DIGMIN-2025) का आयोजन करने जा रहा है। यह सम्मेलन संस्थान के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर (GJLT) में होगा।
DIGMIN-2025 भारत का प्रमुख सम्मेलन होगा, जिसमें खनन, डिजिटल तकनीक और सतत विकास को जोड़ते हुए नई संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। इस सम्मेलन का उद्देश्य खनन क्षेत्र और इससे जुड़े उद्योगों में डिजिटलाइजेशन, इंटेलिजेंट सिस्टम, ग्रीन टेक्नोलॉजी, माइनिंग 5.0, इंडस्ट्रियल इंटीग्रेशन और नई पीढ़ी के इन्फ्रास्ट्रक्चर के तेज़ी से उपयोग को बढ़ावा देना है। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के नेता, नीति निर्माता, शोधकर्ता, अकादमिक और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़ी जोखिम भविष्यवाणी तकनीक, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर आधारित स्वचालन, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण के अनुकूल खनन तकनीकों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पैनल डिस्कशन, टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी और पॉलिसी राउंडटेबल के जरिए उद्योग और शोध जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. अनिंद्य सिन्हा, संयोजक और चेयरमैन, खनन इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने कहा कि “DIGMIN-2025 सिर्फ एक सम्मेलन नहीं बल्कि खनन के भविष्य को मिलकर बनाने का मंच है। आज जब पूरी दुनिया डिजिटल तकनीकों की ओर बढ़ रही है, भारत के खनन क्षेत्र को भी रोबोटिक्स, एआई और स्मार्ट ऑटोमेशन जैसी तकनीकों को अपनाना होगा और साथ ही सतत विकास पर ध्यान देना होगा।”
प्रो. सिद्धार्थ अग्रवाल, सह-संयोजक, खनन इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने कहा कि “संस्थान का शताब्दी वर्ष इस आयोजन को और भी खास बनाता है। DIGMIN-2025 के जरिए शिक्षा, उद्योग, सरकारी संस्थान और स्टार्टअप्स को एक साथ लाकर भविष्य के लिए मज़बूत और टिकाऊ खनन ढांचा तैयार किया जाएगा।”
सम्मेलन में भारत और विदेश से कई प्रसिद्ध वक्ता शामिल होंगे, जिनमें ओम प्रकाश (प्रेसिडेंट एवं सीईओ – माइनिंग बिजनेस, जिंदल पावर लिमिटेड), शैलेन्द्र सिन्हा (वाइस प्रेसिडेंट, इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग, यूएई), प्रो. डी.सी. पाणिग्राही (पूर्व निदेशक, आईआईटी आईएसएम धनबाद), प्रो. नीलिमा सत्यम (आईआईटी इंदौर), प्रो. राजीव गांगुली (यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा, अमेरिका), विक्टर टेनोरियो (एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका), डॉ. सीहे न्हलेको (यूनिवर्सिटी ऑफ द विटवाटर्सरैंड, साउथ अफ्रीका), सतीश पेन्मेटसा (सीईओ, ग्राउंडहॉग), प्रमोद कुमार महेश्वरी (पूर्व महानिदेशक, डीजीएमएस) समेत कई अन्य वैश्विक विशेषज्ञ शामिल होंगे।
DIGMIN-2025 संस्थान की 100 साल की उत्कृष्ट यात्रा का प्रतीक होगा और खनन क्षेत्र में माइनिंग 5.0 यानी डिजिटल, स्मार्ट, सतत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भविष्य की दिशा तय करेगा।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

