धनबाद(DHANBAD):पुरे धनबाद कोयलांचल में भी करमा पर्व की धूम देखी जा रही है.धनबाद के सरायढेला में महिलाएं करमा पर्व को हर्षउल्लास के साथ मना रही हैं.महिलाओं ने बताया यह पर्व प्रकृति के लिए आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। करमा पर्व पर बहने अपने भाई के लिए व्रत रखती है। यह पर्व खास तौर पर झारखंड और बिहार के साथ उड़ीसा और मध्य प्रदेश में भी बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। झारखंड का प्रमुख प्रकृति पर्व करमा आदिवासी संस्कृति और आस्था से जुड़ा हुआ है. यह पर्व खासतौर पर झारखंड, बिहार, ओडिशा और मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. करमा पूजा विधि
में करम वृक्ष की डालियां गाड़कर उनकी पूजा की जाती है. महिलाएं थाली सजाकर करम देव का पूजन करती हैं और अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना करती हैं.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

