धनबाद (DHANBAD):वर्तमान महागठबंधन वाली झारखण्ड सरकार (झेमएम0ए0 + काँग्रेस + राजद) में जल, जंगल और जमीन का लूट मची हुई है। जहाँ एक ओर उत्पन्न कार्य करके यहाँ की भूसंपदा (पत्थर, बालू एवं कोयला) का दोहन विभिन्न अवैध माध्यमों से की जा रही है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण प्रदूषण व पर्यावरण असंतुलन का खतरा उत्पन्न हो जा रहा है, जिससे यह परिलक्षित होता है कि इन कुकृत्यों के लिए इन लोगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। वर्तमान सरकार के संरक्षण में शासक-प्रशासन की मिलिभगत से यह चल रही है।
राज्य में जहाँ एक तरफ बालू का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है, वहीं दूसरी ओर पत्थर, कोयला व अन्य भूसंपदाओं के बिना बन्दोबस्त किए उत्पन्न कार्य जारी है। आमजन को राज्य की कल्याणकारी योजनाओं यथा अंबेडकर आवास, प्रधानमंत्री आवास बनाने में भी कठिनाइयाँ हो रही है। पूरे राज्य की नदी को आज खोद कर जड़ से खोदकर व महत्वपूर्ण कच्चे अवशेषों के अवैध/अतिक्रमित तरीके से बेच दिया जा रहा है। नियम-कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए आज भी यह कार्य बदस्तूर जारी है। इस कारण पहाड़ों पर वर्षों से लगे वृक्ष की भी कटाई बेहिसाब हो रही है। यह भी ज्ञात होता है कि एक तरफ तो भूसंपदाओं की लूट हो रही है, वहीं दूसरी ओर वन व जंगलों की कटाई से पर्यावरण प्रदूषण का खतरा उत्पन्न हो गई है। दुःखदायी यह है कि संबंधित विभाग द्वारा उक्त कार्यों में उन माफियाओं को अप्रत्यक्ष मदद की जा रही है।
अतः उक्त विगत मामले में सदन के सभी कार्यों को रोककर वर्तमान राज्य सरकार यहाँ के जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित रखने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षा व पर्यावरण प्रदूषण व असंतुलन से उत्पन्न खतरे से सुरक्षा करने हेतु, जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर चर्चा कराई जाय, जिस हेतु मैं कार्यस्थगन की सूचना देता हूँ।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

