गोड्डा(JHARKHAND):भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन गोड्डा के ललमटिया स्थित डकैता गांव पहुंचे और मुठभेड़ में मारे गए सूर्य नारायण हांसदा के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि आदिवासियों के अधिकार और अवैध खनन जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले युवक सूर्या को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला. वह इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं.
उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा गरीबों की आवाज थे. वह बच्चों को मुफ्त में पढ़ाते थे. अदालत ने उन्हें 14 मामलों में बरी कर दिया था. उनके स्कूल के बच्चे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. हम भी सीबीआई जांच के लिए प्रयास करेंगे ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि सूर्या झारखंड के एक आंदोलनकारी की तरह थे, जिन पर कई मामले दर्ज हैं. वह खुद एक आंदोलनकारी थे. कई लोगों के खिलाफ गोली चलाने का वारंट जारी है.
उन्होंने वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में आदिवासियों और मूलवासियों की आवाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिदो कान्हू के वंशज रमेश मुर्मू की उनके जन्मस्थान भोगनडीह में हत्या कर दी गई और उनका कोई अता-पता नहीं है. ऐसे में वर्तमान सरकार से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती. चंपाई सोरेन ने कहा कि सूर्या के खिलाफ आज तक ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है जिसमें उन्होंने गरीबों को परेशान किया हो. उनके खिलाफ रंगदारी या अवैध खनन में शामिल लोगों और कंपनी के लोगों ने मामले दर्ज कराए थे. उन्हें कानून पर भरोसा था, इसीलिए उन पर कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ और 25 में से 14 मामलों में वे बरी हो गए. इस अवसर पर बोरियो के पूर्व विधायक और मंत्री लोबिन हेम्ब्रम भी उनके साथ मौजूद थे.
इस दौरान भाजपा जिला कार्यकर्ताओं ने चंपाई सोरेन का महगामा और ललमटिया में सिदो कान्हू प्रतिमा स्थल के पास स्वागत किया और उन्हें डकैता स्थित सूर्या हांसदा के घर ले गए. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सूर्या हांसदा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने शांति भोज में भी भाग लिया.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

