निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी के नेतृत्व मे होती थी गणेश मेला कमिटी की पैशों की बंदर बाँट, अशोक पासवान…

निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी के नेतृत्व मे होती थी गणेश मेला कमिटी की पैशों की बंदर बाँट, अशोक पासवान…

कुलटी(KULTI): पश्चिम बंगाल आसनसोल नगर निगम वार्ड संख्या 66 के रामनगर कोलियरी स्थित तृणमूल पार्टी कार्यालय मे तृणमूल पार्षद अशोक पासवान ने संवाददाता सम्मलेन का आयोजन कर बलतोड़िया युवा संघ गणेश मेला कमिटी के पूर्व अध्यक्ष निर्मल बिन्द और और कैसियर कृष्णा धाड़ी के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए यह कहा है की निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी ने 2015 मे बलतोड़िया गणेश मेला कमिटी का जिम्मा अपने हाँथ मे लिया, उससे पहले मेला कमिटी का सारा जिम्मा दिनेश पासवान के हाँथ मे था, उस समय भी निर्मल बिन्द और कृष्ण धाड़ी मेला कमिटी मे थे, पर दिनेश पासवान ने कमिटी के सदस्यों के बिच कमिटी के फंड सहित कई अन्य कारणों को लेकर हो रही मतभेद और फुट को देखते हुए, मेला कमिटी को पूरा हिसाब देकर मेला कमिटी से दिनेश पासवान ने दुरी बना ली, जिसके बाद निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी ने 2015 मे एक नई कमिटी का गठन किया, जिस कमिटी मे उन्होंने ऐसे लोगों को सदस्य बनाकर उनको कमिटी मे पद दिया जो उनकी हर फैसलों पर अपनी सहमति दें सकें, मेला की नई कमिटी और कमिटी मे बने नए सदस्यों को लेकर दोनों ने गणेश पूजा और वहाँ लगने वाली मेला के नाम पर उठ रहे पैसों मे हेराफेरी दिखाकार 2021 तक लूट की है, पार्षद अशोक पासवान ने 2021 का बेवरा दर्शाते हुए बताया की उन्होंने बलतोड़िया से 3160 रुपए चंदा उठाया, जबकि मनबढ़िया से 6269, निचे धौड़ा 3050, सुकांत पल्ली 2314, जमीन का 9020, लाइट 4010, दान पेटी 2277, मेला झूला 39,000, पार्किंग -0, रेलवे क्वाटर 2880 रूपए, यानि की कुल मिलाकर 72, 000 रुपए कमिटी का इनकम दिखाया गया, वहीं जब निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी के हाँथ से कमिटी की तमाम जिम्मेवारी चली गई और कमिटी की सारी जिम्मेवारी और देखरेख तृणमूल पार्षद अशोक पासवान के हाँथ चली गई, तब अशोक पासवान ने 2022 मे बलतोड़िया से 18762 रुपए, मनबढ़िया 12936, निचे धौड़ा 7780, सुकांत पल्ली 7651, जमीन 31112, लाईट 28735, दानपेटी 12,000, मेला झूला 2,75000, पार्किंग 14855, रेलवे क्वाटर 3112, यानि की कुल इनकम 4, 11,943 रुपए दिखाया और यह साबित कर दिया की जब 2021 मे निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी के नेतृत्व मे मेला कमिटी जो इनकम करती थी, उस इनकम और 2022 मे अशोक पासवान ने जो मेला कमिटी को इनकम दीये उस इनकम मे जमीन आसमान का फर्क है, यानि की 3,44,003 रुपए, 2023 मे अशोक पासवान ने मेला कमिटी को 4,37,709 रुपए का इनकम दिखाया, जो 2021 की तुलना मे 3,65,709 रुपए की समानता दिखी गई, 2024 मे मेला कमिटी की इनकम 4,41,078 रुपए हो गई, अशोक पासवान ने बताया जब से मेला कमिटी की जिम्मेवारी और देख रेख उनके हाँथो मे आई, उन्होने अपने नेतृत्व मे मेला कमिटी को हमेशा फायदा दिलाया है, जिससे कमिटी और भी मजबूत हो और कमिटी की विस्तार हो, साथ ही कमिटी के बैनर तले कई अन्य कार्यक्रम हों जिससे कमिटी और उससे जुड़े अन्य सदस्यों का नाम हो, इसके अलावा अशोक पासवान ने उनके ऊपर लगाए गए 60 हजार रुपए के गमन के आरोपों को लेकर कहा की जिस पैसे की वह बात कर रहे हैं वह पैसे ना तो उनके खाते मे आया है और ना ही वह अकाउंट नंबर उनके अकाउंट से मैच कर रहा जिस अकाउंट नंबर पर उन्होने पैसे भेजे हैं, इसके अलावा अशोक ने यह भी बताया की जिस बैंक के खाते से पैसे डेबिट किये गए और जिस खाते मे पैसे क्रेडिट हुए उसका युटीआर नंबर एक है, अशोक ने बताया की उनके हाँथ तमाम दस्तावेज लग गए हैं, जिन दस्तावेजों को लेकर वह उनपर 60 हजार रुपए के गमन का आरोप लगा रहे लोगों को अदालत मे खींचेगे, जिसकी उन्होंने पूरी तैयारी भी कर ली है, इसके अलावा उन्होने यह भी कहा की झारखंड मधुपुर का रहने वाला मोहमद कल्लू है जो मेला लगाने का कार्य कर्ता था, वह भी निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी के साथ मिला है और इन्होने मिलकर मेला कमिटी की हर वर्ष लाखों रुपए बंदर बाँट किये हैं, इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा की 2024 मे मेला कमिटी के नाम से जो 4,41,078 रुपए उठाए गए, उसमे गौतम पासवान और संतोष पासवान के नेतृत्व और देखरेख मे 184750 रुपए उठाए, ऐसे मे इन्होने मेला कमिटी मे विभिन्न चीजों मे 1,44,079 रुपए का खर्च दिखाया, जब हिसाब देने का समय आया तब इन्होने इनकम के जगह खर्च और खर्च के जगह इनकम दिखा दिया, जिस हिसाब मे करीब 40671 रुपए का कुछ भी अता -पता नही चल रहा है, अशोक ने बताया की मेला कमिटी के नाम पर उठ रहे पैशे और उन पैशों का अगर कमिटी से जुड़ा कोई भी सदस्य हेराफेरी कर्ता है तो उसे बर्दास्त नही किया जाएगा वह हमेशा उसका विरोध करेंगे और जरुरत पड़ी तो वह क़ानून का सहारा भी लेंगे, इस बिच उन्होंने 2025 के एक नई मेला कमिटी की घोषणा करते हुए गठन भी किया है, जिस कमिटी का बागडोर उन्होने एक बार फिर दिनेश पासवान के हाँथो मे दिया है, वह इस लिये की वह जानते हैं की दिनेश पासवान के नेतृत्व मे मेला कमिटी मे कोई भी किसी तरह की कोई भरस्टाचार नही कर पाएगा, अगर ऐसा कोई कर्ता है या फिर करने के लिये सोंचता है तो वह वैसे लोगों के खिलाफ स्थानीय लोगों की मदद व कमिटी के तमाम सदस्यों के सहयोग से कड़ा कदम उठाएंगे, इस बिच नई कमिटी मे सेकेट्री बने चंदन राम ने भी कहा की 2015 मे जब उनको निर्मल बिन्द और कृष्णा धाड़ी ने मेला कमिटी मे जोड़ा था, तो उनके नेतृत्व मे हो रही मेला कमिटी के फंड मे भरस्टाचार को देखकर उन्होंने 2016 मे कमिटी से इस्तीफा दे दिया, 2025 मे जब मेला कमिटी एक बार फिर गठन हुई है तो चंदन राम को एक बार फिर सेकेट्री के पद पर रखा गया है, चंदन राम ने बताया है की वह कमिटी के विस्तार और मजबूती के लिये जी तोड़ मेहनत करेंगे, वह कोसिस करेंगे की कमिटी पहले से भी अच्छा और कुछ बेहतर करे जिससे वार्ड संख्या 66 मे हर वर्ष होने वाली गणेश पूजा का नाम हो, लोग भगवान गणेश का दर्शन करने आए और यहाँ लगे मेला मे अपने परिवार के साथ खूब आनंद लें.

NEWSANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीक रहमान की रिपोर्ट…

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