धनबाद(SINDRI):बीआईटी सिंदरी में चल रहे एआईसीटीई-एटीएएल संकाय विकास कार्यक्रम “मेटल एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एंड इंडस्ट्री 4.0” के पाँचवें दिन प्रतिभागियों को उद्योग और अकादमिक ज्ञान के गहन संगम का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रतिभागियों ने हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल), सिंदरी का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने उर्वरक निर्माण की विविध प्रक्रियाओं, रासायनिक उत्पादन तकनीकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और आधुनिक औद्योगिक प्रथाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। यह भ्रमण विशेष रूप से प्रक्रिया स्वचालन और तकनीक के माध्यम से उत्पादकता में वृद्धि को समझने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी रहा।
बाद में, एमआईटी मुजफ्फरपुर (बिहार) के सहप्राध्यापक डॉ. अशिष श्रीवास्तव ने “फ्रिक्शन स्टिर एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग उन्नत निर्माण तकनीकों में दोष पहचान, प्रक्रिया अनुकूलन, और पूर्वानुमानित मॉडलिंग के लिए किया जा रहा है। यह व्याख्यान प्रतिभागियों के लिए भविष्य के स्मार्ट निर्माण तंत्र की ओर एक स्पष्ट दृष्टिकोण लेकर आया।
कार्यक्रम के दौरान बीआईटी सिंदरी के कई प्रख्यात प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
डॉ. सुमित कुमार शर्मा, डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार, प्रो. कुलदीप कुमार, डॉ. चैतन्य शर्मा, डॉ. धनेश्वर महतो, प्रो. अनीश कुमार, प्रो. मुकेश चंद्र, प्रो. संजय उराँव और प्रो. सूर्य नारायण पांडा।
उनकी सक्रिय उपस्थिति और विचारों ने शैक्षणिक चर्चाओं को और भी समृद्ध बनाया।
पूरे दिन की गतिविधियों का समन्वय डॉ. चैतन्य शर्मा एवं डॉ. ओम प्रकाश द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। औद्योगिक व्यवहारिक ज्ञान और उन्नत शैक्षणिक दृष्टिकोण के इस संयोजन ने एफडीपी के पाँचवें दिन को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और स्मरणीय बना दिया।
NEWSANP के लिए सिंदरी से भोला बाउरी की रिपोर्ट

