दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को ICA ने दी श्रद्धांजलि..2006 में हार्डकोक भट्ठे के व्यवसायियों के सम्मेलन में बतौर कोल मंत्री लिया था भाग….

दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को ICA ने दी श्रद्धांजलि..2006 में हार्डकोक भट्ठे के व्यवसायियों के सम्मेलन में बतौर कोल मंत्री लिया था भाग….

धनबाद(DHANBAD): दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का जाना झारखंड और भारत के लिए अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण अवसर था। 1933 में स्थापित इंडस्ट्री एंड कॉमर्स एसोसिएशन, धनबाद के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन उस महान विभूति को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए किया गया, जिनका नाम देश के इतिहास में सदियों तक सम्मान के साथ लिया जाएगा । शिबू सोरेन का जीवन एक प्रेरक और संघर्षपूर्ण यात्रा रहा। झारखंड में वे सामाजिक और राजनीतिक विकास के प्रतीक बने। उन्होंने न केवल अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय दिया, बल्कि अपने संघर्षों के माध्यम से झारखंड की स्वतंत्र पहचान स्थापित की। अपने राजनीतिक जीवन में, शिबू सोरेन आठ बार लोकसभा और राज्यसभा के सांसद चुने गए, जो उनके व्यापक जनसमर्थन और जनता के भरोसे को दर्शाता है। कोयला मंत्री के रूप में उन्होंने देश के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली।
शिबू सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार देश की सेवा की। उनका कार्यकाल विकास की अनेक पहलों का प्रतीक रहा। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय प्रयास किए। उनकी दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण अविस्मरणीय रहेगा। मौके पर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए ।
अध्यक्ष बी एन सिंह: शिबू सोरेन जी एक सच्चे जननायक थे, जिन्होंने झारखंड के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व हमेशा हमारे लिए मार्गदर्शक रहेगा ध्यान रहे कि एसोसिएशन के अनुरोध पर वर्ष २००६ मे कोयला मंत्री रहते हुए गुरु जी एसोसिएशन के इसी सभागार में AGM मे उपस्थित हुए थे ।

अमितेश सहाय: दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष और समर्पण ने झारखंड की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी प्रेरणा हमें हमेशा समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

एस के सिन्हा उर्फ पलटन बाबू: दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का जाना एक युग का अंत है। उन्होंने झारखंड के आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे इतिहास में अमर रहेंगे।

केदार नाथ मित्तल: शिबू सोरेन जी ने झारखंड के स्वाभिमान को नई पहचान दी। उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी निष्ठा हमें हमेशा प्रेरित करेगी।
इस अवसर पर वी एन शर्मा, सच्चिदानंद सिंह, एम एल अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, योगेन्द्र नाथ तुलस्यान, आर के अग्रवाल, सज्जन कुमार खरकिया, सुरेंद्र कुमार जैन, नवीन डालमिया, दिलेश्वर राय, हेमंत गुप्ता, पुनीत तुलसियांन,प्रदीप चटर्जी, चिन्मय बनर्जी समेत अन्य मौजूद थे ।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *