Liquor Scam: IAS विनय चौबे को झटका, शराब घोटाले में जमानत याचिका खारिज…

Liquor Scam: IAS विनय चौबे को झटका, शराब घोटाले में जमानत याचिका खारिज…

रांची(RANCHI):राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है. झारखंड हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले के बाद अब विनय चौबे को जेल में ही रहना होगा.

दरअसल विनय चौबे पर आरोप है कि वे राज्य में हुए बड़े शराब घोटाले में शामिल रहे हैं. इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है. ED ने 20 मई 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से ही विनय चौबे जेल में हैं.
विनय चौबे ने अपनी गिरफ्तारी और इस मामले में दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की थी. उनका कहना था कि गिरफ्तारी गैरकानूनी है और FIR में लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. हालांकि, हाईकोर्ट ने उनके इन तर्कों को खारिज कर दिया.

जानकारी के मुताबिक, शराब घोटाले के तहत सरकारी अधिकारियों, शराब कारोबारी और अन्य लोगों के बीच मिलीभगत के आरोप हैं. आरोप है कि इस घोटाले से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ, जबकि कुछ लोगों ने अवैध तरीके से भारी कमाई की. ED का दावा है कि इस मामले में जुटाए गए सबूत विनय चौबे की भूमिका को साबित करते हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, घोटाले में सरकारी नीतियों का गलत इस्तेमाल कर नियमों के खिलाफ ठेकेदारों और सप्लायर्स को फायदा पहुंचाया गया. विनय चौबे पर भी इसी तरह की अनियमितताओं को मंजूरी देने और उसकी आड़ में आर्थिक लाभ लेने का आरोप है.

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद ED को बड़ी राहत मिली है. अब एजेंसी इस मामले में आगे की पूछताछ और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया तेज कर सकती है. दूसरी ओर, विनय चौबे के वकीलों ने कहा है कि वे इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करेंगे.

इस पूरे मामले ने झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. एक वरिष्ठ IAS अधिकारी का इस तरह के घोटाले में नाम आना और गिरफ्तारी होना, राज्य की छवि पर भी सवाल खड़े करता है. फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की कानूनी लड़ाई में विनय चौबे को कोई राहत मिलती है या नहीं.

NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *