धनबाद (DHANBAD):दिनांक 11 जुलाई 2025 को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, निरसा में तकरीबन 40 छात्र प्रवेश (एडमिशन) से वंचित रह गए थे। यह सभी छात्र एंट्रेंस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे तथा इन्हें कॉलेज में नामांकन के लिए आवंटित किया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी थी, किंतु अंतिम दिन एडमिशन फीस जमा करने से पूर्व ही कॉलेज में उत्पन्न विवाद के कारण तालाबंदी कर दी गई, जिससे छात्र समय पर फीस जमा नहीं कर सके।
इस गंभीर मामले को लेकर आज छात्र नेता रोहित पाठक एवं छात्र नेता नितेश शर्मा ने छात्रों के प्रतिनिधि के रूप में धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात की। उन्होंने उपायुक्त को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया एवं छात्रों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने तत्क्षण कॉलेज प्रशासन से संपर्क साधने का प्रयास किया, किंतु किसी भी संबंधित अधिकारी द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया। इसके उपरांत उपायुक्त ने 24 घंटे का समय मांगते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
छात्र नेताओं ने बताया कि यह मामला केवल निरसा कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे झारखंड के पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। सभी प्रभावित छात्र गरीब एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं तथा राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए थे। ऐसे में उनका करियर अधर में लटक गया है और एक पूरा वर्ष बर्बाद होने की कगार पर है।
छात्र नेताओं ने मांग की है कि:
- इन छात्रों को विशेष अनुमति से एडमिशन की सुविधा दी जाए।
- कॉलेज प्रशासन की लापरवाही की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रवेश प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया जाए।
छात्रों एवं अभिभावकों को अब जिला प्रशासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद है।
NEWSANP के लिए धनबाद से रागिनी पांडे की रिपोर्ट

