धनबाद नगर निगम, बीसीसीएल को मामले में शपथ पत्र दायर करने के लिए मिला समय
मामले की अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी
मामला धनबाद शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण व पेड़ों की कटाई का
धनबाद(DHANBAD): झारखंड हाइकोर्ट ने धनबाद शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने तथा पेड़ो की कटाई को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व वन विभाग के शपथ पत्र को देखा. बोर्ड के जवाब देखते हुए खंडपीठ ने पूछा कि आपने कौन-कौन सा तरीका अपनाया है, जिससे वायु प्रदूषण कम हो गया है. वहीं खंडपीठ ने धनबाद नगर निगम व बीसीसीएल को मामले में शपथ पत्र दायर करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया. प्रदूषण मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने — छह अक्तूबर की तिथि निर्धारित की, जबकि पेड कटाई की मामले की सुनवाई को लेकर 16 सितम्बर निर्धारित की है,
जबकि झारखंड हाइकोर्ट इससे पूर्व झारखंड स्टेट प्रदूषण नियंतण बोर्ड व वन विभाग की ओर से अलग-अलग शपथ पत्र दायर किया है,
बोर्ड ने शपथ पत्र दायर कर बताया कि धनबाद शहर में वायु प्रदूषण का स्तर (एक्यूआइ) पहले से घटा है. वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया गया है. यह कम हुआ है. वहीं वन विभाग के शपथ पत्र में बताया गया कि पेड़ों की कटाई के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित है. उसकी अनुमति से ही पेड काटे जाते हैं या उसका पुनः रोपण किया जाता है. क्षतिपूरक वनरोपण का प्रावधान है. प्रतिवादी धनबाद नगर निगम व बीसीसीएल की ओर से समय देने का आग्रह किया गया. वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्तो बोराई ने पैरवी की. उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के धनबाद शहर में प्रदूषण कम हो जाने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि अभी बरसात का मौसम हैं. वैसे ही वायु प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी ग्रामीण एकता मंच की ओर से अध्यक्ष रंजीत सिंह ने जनहित याचिका दायर की है,
NEWS ANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

