भारत समेत 7 देशों को ब्रिटेन सरकार का झटका, ‘डिपोर्ट नाउ, अपील लेटर’ लिस्ट में किया शामिल, क्या है यह नियम?

भारत समेत 7 देशों को ब्रिटेन सरकार का झटका, ‘डिपोर्ट नाउ, अपील लेटर’ लिस्ट में किया शामिल, क्या है यह नियम?

लंदन: यूके ने भारत को उन 15 देशों की लिस्ट में शामिल कर दिया है, जहां के नागरिकों को अपराध करने के तुरंत बाद उन्हें अपने देश वापस भेजा जा सकता है। यानी अब यूके में अपराध करने वाले भारतीय अपराधियों को तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा। पहले वे डिपोर्टेशन के खिलाफ अपील करके यूके में रुके रहते थे। अब उन्हें ‘पहले डिपोर्ट बाद, बाद में अपील’ नियम के तहत भारत भेज दिया जाएगा।

इस नियम के तहत यूके से वापस भारत वापस भेजे गए नागरिक वीडियो लिंक के जरिए डिपोर्टेशन के खिलाफ अपील की सुनवाई में भाग ले सकते हैं। हालांकि आतंकवादी और हत्याओं जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को डिपोर्टेशन से पहले ब्रिटेन की जेल में सजा काटनी होगी। इससे पहले अपराधी मानवाधिकार कानूनों के तहत डिपोर्टेशन के खिलाफ अपील करके सालों तक यूके में रह सकते थे। अब डिपोर्ट होने के बाद उन भारतीयों को यूके में वापस आने की अनुमति नहीं है। भारत में वापसी के बाद भारत सरकार यह तय करेगी कि उन्हें जेल भेजा जाए या नहीं।

इन देशों का नाम लिस्ट में किया गया शामिल
पहले ब्रिटेन केवल 8 देशों के अपराधियों को बिना अपील के डिपोर्ट करता था। इन देशों की लिस्ट में फिनलैंड, नाइजीरिया, एस्टोनिया, अल्बानिया, बेलीज, मॉरीशस, तंजानिया और कोसोवो का नाम शामिल था। अब ब्रिटेन की सरकार ने सात और देशों का नाम शामिल किया है। जिसमें अंगोला, ऑस्ट्रेलिया, बोत्सवाना, ब्रुनेई, बुल्गारिया, कनाडा, गुयाना, भारत, इंडोनेशिया, केन्या, लातविया, लेबनान, मलेशिया, युगांडा और जाम्बिया को भी शामिल किया गया है। यूके सरकार अन्य देशों के साथ भी इस योजना में शामिल होने के लिए बात कर रही है।

यूके की जिले में 320 भारतीय नागरिक हैं बंद
30 जून, 2025 तक इंग्लैंड और वेल्स की जेलों में 320 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें 310 पुरुष और 10 महिलाएं हैं। ज्यादातर विदेशी कैदियों को यूके में उनकी सजा का 30 प्रतिशत पूरा होने के बाद डिपोर्ट किया जाता था।

लेकिन रविवार को यूके के न्याय मंत्रालय ने घोषणा की है कि विदेशी अपराधियों को सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, न कि 30 प्रतिशत सजा पूरी होने के बाद। यह कानून संसद में पेश किया जाएगा।

बता दें 2025 की पहली तिमाही में 1,903 लोगों को यूके से भारत डिपोर्ट किया गया था, जबकि पिछले साल 6,069 लोगों को डिपोर्ट किया गया था। इनमें वीजा अवधि से ज्यादा रहने वाले और शरण मांगने में असफल लोग शामिल थे।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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