121 वर्ष तक हर रोज चली..06 साल पहले बंद हुई थी.. 10जनवरी से फिर पटरी पर दौड़ी DC पैसेंजर ट्रेन..गिरिडीह MP बाघमारा MLA ने दिखाई हरी झंडी..

धनबाद DHANBAD रेलवे बोर्ड के निर्देश पर धनबाद चंद्रपुरा पैसेंजर ट्रेन 10 जनवरी को एक बार फिर से पटरी पर लौट गई है। 10जनवरी 24 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आज गिरीडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो,धनबाद रेल मंडल के SR. DCM सहित अन्य आला अधिकारियों ने कतरासगढ़ से हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया..

धनबाद से लेकर चंद्रपुर और बीच में मौजूद हर स्टेशन हाॅलट में ट्रेन का स्वागत किया गया।

धनबाद चंद्रपुरा पैसेंजर ट्रेन का इतिहास 121 वर्ष पुराना है, 1896 में ब्रिटिश शासन काल में पहली बार इस ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ था। डीसी लाइन पर चलने वाली सबसे पुरानी या ट्रेन छह साल पहले 15 जून 2017 को बंद हो गई थी ..

भूमिगत आग और भू धंसान से खतरे को देखते हुए धनबाद चंद्रपुरा रेल मार्ग को DGMS की रिपोर्ट का आधार बनाकर रेलवे बोर्ड ने 15 जून 2017 को बंद कर गया था ..नतीजा

इस मार्ग पर चल रही 26 जोड़ी ट्रेन एक झटके में रद्द हो गई थी..एक साल बंदी के दौरान करीब 01करोड़ लोग प्रभावित हुए जबकि रेलवे को 25 हजार करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ..इसी बीच एक साल तक कतरासगढ़ के आम लोगों ने धरना प्रदर्शन, प्रार्थना आंदोलन जारी रखा ..आखिरकार भाजपा ने 2019 के चुनाव में गिरडीह- धनबाद लोकसभा और बाघमारा विधानसभा चुनाव में हार के डर से पुनः इस रूट पर रेल परिचालन की मंजूरी दी..

केंद्र की मंजूरी से रेलवे मंत्रालय ने 24 फरवरी 2019 में इस डीसी रेल लाइन को दोबारा चालू कर दिया गया, अधिकतर ट्रेन पटरी पर चलने लगी पर धनबाद चंद्रपुरा पैसेंजर को चलने की अनुमति नहीं मिली थी।…

आखिर कार 06,साल बाद एक बार फिर डीसी रेल लाइन का धड़कन कहे जाने वाले धनबाद चंद्रपुरा पैसेंजर ट्रेन चलाया जा रहा है.. उसमें जब 2024 का चुनाव नजदीक आ गया..इस ट्रेन के चालू होने से जहां आम लोगों में खुशी है वही बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो और सांसद सीपी चौधरी ने भी जनता के बड़ी राहत मिलने की बात कहीं..

हालांकि अभी भी डीसी रेल लाइन पर रेलवे और डीजीएमस की वक्र दृष्टि लगी हुई है..बताया जाता है कि भूमिगत आग से ज्यादा महत्वपूर्ण डीसी लाइन के पटरी के नीचे अच्छी क्वालिटी की कोयला है है..ऐसे में इस रूट को बंद कर इसे बीसीसीएल को सौंपा जा सकता है..मगर उससे पहले एक वैकल्पिक रूट भाया तेलों गोमो निर्माण किया जाना था..लेकिन अभी भी ये दूर की कौड़ी बनी हुई है..फिलहाल डीसी लाइन कब तक बचेगी ..कहना मुश्किल है..

NEWS ANP के लिए बाघमारा से जितेंद्र कुमार के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट..

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