धनबाद(निरसा):पूरे देश के 10 व्यापारिक संगठनों के एक संयुक्त संघ ने सरकार की नीतियों खासकर नए लेबर कोड और निजीकरण के विरोध में आज (9 जुलाई) राष्ट्रव्यापी हड़ताल भारत बंद का आह्वान किया है. इस बंद में बैंक, ट्रांसपोर्ट, पोस्टल, कोयला खनन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े है. वहीं शैक्षणिक संस्थानों खासकर स्कूल, कॉलेज के खुले होने की उम्मीद की जा रही है. ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि आज भारत बंद में 26000 रुपये न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों के लिए भी आवाज उठाई गई है ,भारत बंद का आयोजन करने वाली चार ट्रेड यूनियनों शामिल है जिसमें करीब 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी, किसानों और कृषि मजदूर राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल है, कुछ राज्यों में ट्रेन सेवा भी बाधित किए गए है,कोयले की राजधानी धनबाद में भी इसका व्यापक देखने को मिल रहा हैं हालांकि पूरे क्षेत्र में सुबह से ही रुक रुक वारिश हो रही हैं उसके बावजूद भी ट्रेड यूनियन के नेताओं और समर्थकों द्वारा निरसा के सभी एसीसीएल और बीसीसीएल के कुल 14 कोलियरियों को बंद करा दिया,इस बंद में कुल चार ट्रेड यूनियन शामिल हैं इस बंद के कारण कोल क्षेत्र में करोड़ की नुकसान होगी। हालाकी कुछ मजदूरों से हमने वार्ता किए तो उन्होंने बताया कि हम सभी मजदूर रोज मर्रा की तरह कार्य करने आए थे परंतु यूनियन के द्वारा कार्य नहीं करने दिया जा रहा हैं और यह असंवैधानिक हैं हम मजदूर वर्ग के लोग इस बंदी का विरोध करते है।
NEWSANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट

