एनएच 419 पर ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त: झमाझम बारिश में पटना जा रहा सरिया लदा वाहन हांसी पहाड़ी के पास लुढ़का, बड़ा हादसा टला…

एनएच 419 पर ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त: झमाझम बारिश में पटना जा रहा सरिया लदा वाहन हांसी पहाड़ी के पास लुढ़का, बड़ा हादसा टला…

जामताड़ा(JAMTADA): मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 419 पर एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) से सरिया छड़ लादकर पटना (बिहार) जा रहा एक भारी ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे लुढ़क गया। हादसा मिहिजाम के हांसी पहाड़ी स्थित पेट्रोल पंप के निकट हुआ। झमाझम बारिश और तेज रफ्तार के कारण ट्रेलर फिसल गया और देखते ही देखते सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई गगनभेदी आवाज, वातावरण कांपा

घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने एक जोरदार गगनभेदी आवाज सुनी, जिससे आसपास का वातावरण कांप उठा। लोग सहम गए और कुछ पल के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ और जान-माल की बड़ी क्षति नहीं हुई।

ट्रेलर के फंसने से सड़क परिचालन बाधित

ट्रेलर के सड़क किनारे पलटने के कारण एनएच 419 पर यातायात प्रभावित हो गया है। सड़क का एक हिस्सा जाम हो गया है और वाहनों की कतार लग गई है। समाचार प्रेषण तक घटनास्थल पर परिचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया था, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

टोल टैक्स बचाने की होड़, दुर्घटनाओं को न्योता

यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 419 पर बढ़ती अव्यवस्था और अनियंत्रित भारी वाहनों के परिचालन की कहानी को उजागर करती है। दरअसल, इन दिनों ट्रक और ट्रेलर चालक टोल टैक्स बचाने के लिए एनएच 419 को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर रहे हैं। दुर्गापुर, आसनसोल और बांकुड़ा की दिशा से भारी संख्या में वाहन बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल की ओर इसी मार्ग से जाते हैं। टोल शुल्क बचाने की होड़ में चालक तेज गति से वाहन चलाने को मजबूर होते हैं, जिसका परिणाम अक्सर दुर्घटनाओं के रूप में सामने आता है।

लगातार बढ़ रही हैं दुर्घटनाएं, सरकारी तंत्र मौन

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद झारखंड सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक प्रशासन आंख मूंदे रहेगा? एनएच 419 अब केवल वैकल्पिक मार्ग नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं का गलियारा बनता जा रहा है।

रंगदारी और अवैध वसूली से जुड़ा है परिचालन

सूत्रों की मानें तो इस मार्ग पर भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन के पीछे एक संगठित अवैध वसूली तंत्र भी सक्रिय है। स्थानीय प्रभावशाली लोग और कथित रंगदार इन वाहनों से अवैध वसूली करते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। इसका सीधा असर जिले की कानून व्यवस्था पर पड़ा है, जो बीते कुछ सप्ताहों से चरमराई हुई है। पुलिस-प्रशासन भी कई बार इन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने में असफल रहा है।

सड़क सुरक्षा पर गंभीर मंथन की जरूरत

यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब समय आ गया है जब झारखंड सरकार, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को एनएच 419 पर बढ़ते खतरों पर गंभीरता से विचार करना होगा। सड़क सुरक्षा, वैकल्पिक मार्गों की समीक्षा और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए व्यापक योजना की आवश्यकता है। साथ ही भारी वाहनों की गति पर निगरानी और बारिश के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है।

द्रष्ट्रव्य, मिहिजाम के हांसी पहाड़ी के निकट हुआ यह हादसा एक बड़ा सबक है कि अगर अभी भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग 419 पर जानलेवा घटनाएं और बढ़ सकती हैं। फिलहाल, घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात है और यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं, किंतु मार्ग पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सका है।

NEWSANP के लिए जामताडा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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