धनबाद(DHANBAD): धनबाद बालू की किल्लत शुरू हो गई है। धनबाद के बालू घाटों से चोरी-छिपे बालू की तस्करी कर रहे तस्करों ने बालू की कीमतें इतनी बढ़ा दी हैं कि सरकारी योजनाओं का काम करने वाले संवेदक काम करने से ही हाथ खड़े कर रहे हैं। बड़े संवेदक तो बढ़ी कीमत पर बालू खरीदकर काम चला रहे हैं, लेकिन छोटे संवेदकों ने धीरे-धीरे काम बंद करना शुरू कर दिया है। बालू की कमी का असर शहर से लेकर गांव तक की विकास योजनाओं पर पड़ रहा है। मालूम हो धनबाद में कैटेगरी टू के बालू घाटों की नीलामी नहीं होने से बालू की कीमत बढ़ रही है।
अब कुछ दिनों में बालू उठाव पर एनजीटी की ओर से भी प्रतिबंध लग जाएगा जो मध्य जून से अक्टूबर पहले सप्ताह तक रहता है। धनबाद नगर निगम में लगभग 17 करोड़ की नाली-सड़क की योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें 25 लाख से 1.5 करोड़ तक की योजनाएं शामिल हैं। बालू की कमी की वजह से संवेदकों ने धीरे-धीरे काम बंद करना शुरू कर दिया है। बालू की कमी की वजह से वार्ड नंबर-26 के हीरापुर इलाके में तीन योजनाएं बंद हो गई हैं। संवेदकों ने बालू नहीं मिलने की शिकायत नगर निगम से की है। पूरे निगम क्षेत्र में 100 से अधिक योजनाओं पर काम चल रहा है। लगभग सभी संवेदक बालू की कमी से जूझ रहे हैं। एक दर्जन से अधिक योजनाओं का काम बंद: नगर निगम वार्ड नंबर-26 में शक्ति नगर, बालाजी नगर, दुर्गा नगर में 1.62 करोड़ की लागत से नाली का निर्माण करा रहा है। यहां संवेदकों ने बालू की कमी बताकर काम बंद कर दिया है। हीरापुर के शीतला मंदिर के पास 24 लाख की लागत से बन रही सड़क-नाली का भी काम बालू की कमी की वजह से बंद हो गया है। ऐसी स्थिति से शहर की कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कतरास और झरिया में भी एक दर्जन से अधिक योजनाओं का काम बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। बालू तस्करों ने कीमत बढ़ाई तो बंद होने लगे काम: धनबाद में बालू घाटों से अवैध बालू की तस्करी होती है। पुलिस-प्रशासन की सख्ती होते ही पहले से स्टॉक रखने वाले तस्कर बालू की कीमत बढ़ा देते हैं। 20 हजार रुपए प्रति हाइवा मिलने वाला बालू अब 22-23 हजार में मिल रहा है। वहीं साढ़े छह हजार रुपए मिलने वाले एक ट्रैक्टर बालू की कीमत 7.5 हजार हो गई है। छोटे 407 वाहन में सात हजार रुपए मिलने वाला बालू अब 7.5 हजार से आठ हजार में मिल रहा है।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

