तंबाकू से मौत तक की यात्रा: जामताड़ा में स्वास्थ्य विभाग ने बताया हर ज़हर का वैज्ञानिक सच”…

तंबाकू से मौत तक की यात्रा: जामताड़ा में स्वास्थ्य विभाग ने बताया हर ज़हर का वैज्ञानिक सच”…

जामताड़ा(JAMTADA):सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तंबाकू जनित बीमारियों और रोकथाम पर विस्तृत व्याख्यान

1. विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

  • जामताड़ा जिले में विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) पर सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित।
  • आयोजन का उद्देश्य: तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के प्रति आमजन को जागरूक करना।
  • संपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व जिला स्वास्थ्य समिति एवं गैर संचारी रोग (NCD) नियंत्रण सेल ने किया।

2. विशेषज्ञों ने तंबाकू के वैज्ञानिक दुष्प्रभाव बताए

  • मुख्य वक्ता डॉ. दुर्गेश झा (जिला एनसीडी कोऑर्डिनेटर) ने प्रस्तुत की तंबाकू से जुड़ी बीमारियों की वैज्ञानिक जानकारी:
  • फेफड़े, गले, मुंह और अन्ननली के कैंसर का प्रमुख कारण।
  • हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गंभीर गैर संचारी बीमारियों से गहरा संबंध।
  • पासिव स्मोकिंग (दूसरों के धुएं से प्रभावित होना) से बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर गंभीर प्रभाव।
  • तंबाकू में उपस्थित निकोटीन, टार, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे रासायनिक तत्व सीधे कोशिकीय स्तर पर क्षति पहुंचाते हैं।

3. तंबाकू का सामाजिक-आर्थिक दुष्प्रभाव

  • तंबाकू सेवन से होने वाले उपचार खर्च से गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक रूप से टूटता है।
  • उत्पादकता में कमी, समय पूर्व मृत्यु और पारिवारिक विघटन इसके गंभीर परिणाम हैं।
  • भारत में हर वर्ष 13 लाख से अधिक मौतें तंबाकू जनित बीमारियों से होती हैं।

4. सहभागिता और वक्ताओं की प्रमुख बातें

  • कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), आयुष चिकित्सक, स्वास्थ्य सहिया, और प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों की भागीदारी।
  • उपस्थित कर्मियों को “तंबाकू निषेध शपथ” भी दिलाई गई, जिसमें स्वयं और समुदाय को तंबाकू से दूर रखने का संकल्प लिया गया।

5. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तंबाकू सेवन का प्रभाव

प्रभाव और वैज्ञानिक दुष्प्रभाव
श्वसन तंत्र क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फाइसीमा, फेफड़ों का कैंसर
हृदय तंत्र कोरोनरी धमनी रोग, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक
पाचन तंत्र मुँह, गले और पेट का कैंसर प्रजनन प्रणाली पुरुषों में शुक्राणु में गिरावट, महिलाओं में गर्भपात
त्वचा व आंखें समयपूर्व बुढ़ापा, धुंधली दृष्टि मानसिक स्वास्थ्य चिंता, अवसाद और व्यसन बढ़ने की संभावना

6. तंबाकू से बचाव के उपाय और सावधानियाँ

व्यक्तिगत स्तर पर बचाव:

  • शुरुआत ही न करें – प्रयोगात्मक सेवन भी आदत बन सकता है।
  • निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT), जैसे च्युइंग गम, पैच आदि का उपयोग।
  • परिवार और मित्रों से सहयोग लें; समूह उपचार (Group Counseling) प्रभावी।
  • मोबाइल हेल्पलाइन और स्वास्थ्य ऐप्स से परामर्श लें।

सामुदायिक/प्रशासनिक स्तर पर सावधानियाँ:

  • सार्वजनिक स्थलों पर सख्त निषेध और निगरानी
  • स्कूलों और कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रदर्शनी जैसे रचनात्मक कार्यक्रम।
  • तंबाकू उत्पादों पर बड़ा चेतावनी चित्र और टेक्स्ट, जिससे उपभोक्ता सचेत रहें।
  • तंबाकू बिक्री पर न्यूनतम आयु सीमा का कठोर पालन।

7. स्वास्थ्य विभाग की आगामी रणनीतियाँ

  • “तंबाकू मुक्त पंचायत अभियान” की शुरुआत।
  • स्कूल स्तरीय “Anti-Tobacco Clubs” का गठन।
  • हर स्वास्थ्य केंद्र पर नशा मुक्ति काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना।
  • जनप्रतिनिधियों एवं धार्मिक संस्थाओं को जोड़कर सामाजिक संकल्प को गति देना।

8. कार्यक्रम की झलकियाँ और प्रतिक्रियाएँ

  • उपस्थित अधिकारियों ने साझा किया कि “यह केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, एक सामाजिक आंदोलन है।”
  • कई स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वयं तंबाकू छोड़ने के अपने अनुभव साझा किए।
  • तंबाकू पीड़ित मरीजों की केस स्टडी भी प्रस्तुत की गई, जिससे भावनात्मक जुड़ाव बना।

निष्कर्ष: समाज का तंबाकू से संकल्पपूर्ण विमोचन आवश्यक

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का यह आयोजन सिर्फ एक वार्षिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य-संवेदन को झकझोरने वाला अभियान था। जामताड़ा जैसे जिले में इस प्रकार की सघन जागरूकता से यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाली पीढ़ी तंबाकू से मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकेगी।

तंबाकू से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी इलाज है – और इसके लिए व्यक्तिगत प्रयास + सरकारी नीति + सामाजिक भागीदारी का एकजुट संकल्प आवश्यक है।

NEWSANP के लिए जामताडा से आर पीआई सिंह की रिपोर्ट

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