धनबाद(DHANBAD):राष्ट्रीय जनगणना के पहले झारखंड में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई है जहां 26 मई को कांग्रेस ने राजभवन के सामने धरना देकर सरना धर्म कोड को लागू करने की मांग उठाया वहीं 27 में को झामुओं ने राजभवन सहित जिला मुख्यालयों में राज्यव्यापी धरना देकर आदिवासी समाज की पहचान बनाए रखने को लेकर सरना धर्म कोड लागू करने की मांग उठाई…
धनबाद के रणबीर में चौक पर भारी संख्या में पहुंचे आदिवासी समाज के लोगों ने केंद्र सरकार से सरना धर्म कोड अविलंब जल्द लागू करने की मांग और कहा कि जनगणना शुरू करने से पहले सर्वे के दौरान एक कॉलम में सरना कोड को रखा जाना चाहिए… झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि एक साजिश के साथ भाजपा आदिवासियों की पहचान मिटा रही है जबकि आदिवासी समाज शुरू से प्रकृति पूजक रहें हैं और वह हिंदू धर्म की तरह किसी पंडा पुजारी के कहे अनुसार नहीं चलते …हमारी पूजा पद्धति अलग है ऐसे में हम चाहते हैं कि 12 लाख से अधिक आदिवासियों के हित को देखते हुए सरना धर्म कोड को जल्द से जल्द लागू किया जाए
वहीं झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि अगर केंद्र सरकार ने सरना धर्म कोड को लागू नहीं करती है तो वे लोग दिल्ली पहुंचकर आंदोलन करेंगे …साथ ही झारखंड में जनगणना सर्वे तबतक नहीं होने देंगे जबतक सरकार इस कॉलम को जोड़ नहीं देती है…2011 की जनगणना से पहले एक अन्य कॉलम था…तो फिर इस बार ये कॉलम क्यों हटा दिया गया…यदि इस देश में हिंदू के अलावा जैन और बौद्ध की अलग पहचान है तो आदिवासियों की अलग पहचान सरना धर्म कोड क्यों नहीं…
गौरतलब है कि धनबाद जिले के दूर दराज गांवों से पारंपरिक तीर धनुष और हाथ में बैनर पोस्टर के साथ आदिवासी समाज के लोग रणधीर वर्मा चौक पर धरना देने पहुंचे थे,..इसमें JMM के नेता और कार्यकर्ता के साथ पारंपरिक वेशभूषा मेंआदिवासी महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए..
NEWSANP के लिए गोविंद के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट…

