धनबाद(DHANBAD): बीसीसीएल (भारतकोकिंग कोल लिमिटेड) के कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को जोरदार झड़प हो गई। मामला सिजुआ क्षेत्रीय कार्यालय अंतर्गत सिजुआ कॉलोनी का है, जहां बीसीसीएल की ओर से आवास तोड़ने पहुंचे कर्मियों का ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हाथापाई और लात-घूंसे तक पहुंच गई।
घटना के बाद माहौल इतना बिगड़ गया कि मौके पर सीआइएसएफ की क्यूआरटी को बुलाना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोदीडीह कोलियरी के प्रबंध पदाधिकारी (पीओ) गोपालजी को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और स्थिति को शांत कराया।
क्या है मामला?
सिजुआ कॉलोनी में बीसीसीएल की परियोजना विस्तार योजना के तहत अवैध कब्जों और पुराने क्वार्टरों को हटाया जा रहा है। अधिवक्ता सोमनाथ चटर्जी के आवास को हाल ही में मजिस्ट्रेट की निगरानी में तोड़ा गया था। इसी क्रम में शुक्रवार को अन्य आवासों को भी तोड़ने के लिए कंपनी के कर्मचारी पहुंचे थे, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
ग्रामीणों की मांग: पहले पुनर्वास, फिर तोड़फोड़
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी जबरन लोगों को बेदखल करना चाहती है, जबकि अभी तक पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना था, “हम सभी एक साथ स्थानांतरित होने को तैयार हैं, लेकिन पहले सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।”
कर्मियों की सफाई: हम सिर्फ आदेश मानते हैं
वहीं बीसीसीएलकर्मियों का कहना है कि वे सिर्फ कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। मामले में पीओ गोपालजी ने बताया कि परियोजना के विस्तार में बाधक क्वार्टरों को हर हाल में हटाया जाएगा। इसके लिए विधिवत सर्वे कर मजिस्ट्रेट की देखरेख में कार्रवाई की जा रही है।
निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर से विस्थापन और पुनर्वास की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। जब तक कंपनी और ग्रामीणों के बीच संवाद और समाधान का रास्ता नहीं निकलता, ऐसे टकराव की संभावनाएं बनी रहेंगी।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

