धनबाद(NIRSA): कहते हैं मन में अगर कुछ करने की जज्बा और कड़ी मेहनत हो तो कामयाबी खुद पर खुद कदम चूमेगी बस गुरु सही मार्गदर्शन दिखाने वाला मिले और हौसला बुलंद हो..
निरसा विधानसभा एगयारकुंड प्रखंड अंतर्गत डुमरकुंडा दक्षिण पंचायत के चांच कोलियरी,बाबू डंगाल फुटबॉल ग्राउंड का हैं जहां सेवानिवृत फौजी ने यह बीड़ा उठाया हैं कि प्रत्येक वर्ष कड़ी परिश्रम के जरिए बच्चों को उन तमाम प्रशिक्षण दें रहे है जो कि एक फौजी को चाहिए, 30 जून 2021 से सेवानिवृत हुए फौजी के जवान अपने क्षेत्र के बच्चों को फौलादी बना रहें है और प्रशिक्षण के जरिए अब तक कुल 9 छात्र छात्राओं को देश के अलग अलग विभागों मे सेवा के समर्पित कर चुके है जिसमें अग्निवीर आर्मी में 1 नर्सिंग में 1 सीमा सुरक्षा बल में 3 केंद्रीय सुरक्षा बल में 1 चौकीदार में 1 और हाल ही में बिहार पुलिस मे 2 दो बच्चों को भेजने का काम किए हैं।इनके प्रशिक्षण से प्रभावित होकर दूर दराज से बच्चे प्रति दिन सुबह सुबह प्रशिक्षित हो रहे है…
जब हमने देवनारायण सिंह उर्फ रोमी सिंह से जाना की इस प्रशिक्षण का क्या उद्देश्य हैं तब उन्होंने बताया कि आज हमारे देश में सेना की अति आवश्यकता हैं पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर में जिस तरह हमारे जवानों ने पड़ोसी मुल्क को धूल चटाया मुझे अपने फौजी भाईयो पे गर्व हैं हमारा थोड़ा प्रयास अगर देश की सेवा ने समर्पित हो रहा हैं तो हमारे लिए गर्व की बात हैं जो भी बच्चे ने प्रशिक्षण में थोड़ी भी कमी हैं वैसे बच्चे को प्रशिक्षित करता हूँ वर्तमान ने हमारे पास 40 से 50 बच्चे प्रतिदिन प्रशिक्षण ले रहे हैं और उन्हें सफलता भी मिल रही हैं देश सेवा के दौरान मैने हरियाणा,पंजाब हर प्रांत धूमे हैं मैं भी चाहता हूँ कि जिस तरह औरों राज्यों में हर घर में फौजी होते है उसी प्रकार हमारे क्षेत्रों से भी हर घर से एक फौजी हो और देश की सेवा करे यही हमारा लक्ष्य हैं।
स्थानीय निवासी एकराम अंसारी ने रोमी सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र से फौज में जाने की संख्या धीरे धीरे कम हो रही थी लेकिन रोमी सिंह के द्वारा प्रशिक्षण के कारण आज हमारे क्षेत्र से प्रति वर्ष 4 से 5 बच्चे देश के विभिन्न संस्थाओं में अपना योगदान दे रहे हैं।बच्चों में जो जज्बा कमी हो गई थी बच्चे मोबाईल में व्यस्त हो गए थे उनको जगाने का काम रोमी सिंह द्वारा किया जा रहा हैं मैं बच्चों के उज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
रोमी सिंह के कड़ी प्रशिक्षण को देखते हुऐ सेवानिवृत जूनियर कमिश्नर ऑफिसर मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि बच्चों के लिए यह सुनहरा अवसर हैं बच्चे लग्न से परिश्रम करें सफलता कदम चूमेगी आज नही तो कल सफलता जरूर मिलेगी और जब भी हमारा समय मिलेगा बच्चों के बीच देश सेवा की जज्बा को सिखाता रहूंगा फौजी बहुत सारे प्रशिक्षण हैं सभी गुणों को सिखाता रहूंगा।
बिहार पुलिस ने सफल हुए अभ्यर्थी सुजाता ने कहा कि अगर मन में इच्छा हो तो कुछ भी असफल नहीं हैं महज 6 माह की कठिन परिश्रम से मैने यह सफलता प्राप्त की हैं जिसमें रोमी सर और हमारे अभिवाहकों का भरपूर सहयोग मिला जिसके कारण मैं बिहार पुलिस मे अपना योगदान देने जा रही हूँ।
इस प्रशिक्षण में 8 साल के बच्चे से लेकर 25 साल तक के छात्र छात्राएं खूब परिश्रम कर रहे हैं हर बच्चे में देश के प्रति जुनून देखने को मिल रहा हैं महज 8 साल की बच्ची तन्वी यादव भी कंधे से कंधे मिलाकर प्रतिदिन ग्राउंड में खूब मेहनत कर रही हैं।जब हमने तन्वी से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं पिछले दो वर्षों से ग्राउंड में सुबह सुबह आ जाती हूँ और मेहनत करती हूँ मुझे बड़े होकर फौज में जाना हैं देश की सेवा करना हैं मुझे गर्व होगा कि मैं अपने देश की काम आ सकू।
निश्चित रूप से रिटायर्ड फौजी रोमी सिंह द्वारा एक अच्छी पहल हैं उसके जज्बे को सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने बच्चों मे देश के प्रति जागरूक किया हैं।
NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट

