सख्त तेवर में दिखे जामताड़ा एसपी : अपराध नियंत्रण को लेकर थाना प्रभारियों पर गिर सकता है कार्रवाई की गाज…

सख्त तेवर में दिखे जामताड़ा एसपी : अपराध नियंत्रण को लेकर थाना प्रभारियों पर गिर सकता है कार्रवाई की गाज…

जामताड़ा(JAMTARA): जामताड़ा जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निपटारे और विधि-व्यवस्था को लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाई है। आज दिनांक 13 मई 2025 को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मासिक अपराध गोष्ठी सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वयं पुलिस अधीक्षक (एसपी) जामताड़ा ने की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, प्रभाग निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) तथा समस्त शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक का एजेंडा फरवरी 2025 में दर्ज अपराध, उनके अनुसंधान की स्थिति, विधि-व्यवस्था की समीक्षा और विभागीय कार्यशैली में सुधार पर केंद्रित रहा।

एसपी ने दिखाया सख्त लहजा, चेतावनी के संकेत

बैठक के दौरान एसपी जामताड़ा ने अपराध नियंत्रण को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन थाना क्षेत्रों में लंबित कांडों की संख्या अत्यधिक है और अनुसंधान में देरी हो रही है, वहां संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़े निर्देश जारी किए:

प्रमुख निर्देश बिंदुवार:

  1. लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन:
    वर्षों से लंबित कांडों को शीघ्र अनुसंधान के माध्यम से निष्पादित करने का निर्देश।
  2. साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान:
    सभी साइबर अपराध से संबंधित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने की हिदायत।
  3. साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट अनिवार्य:
    सभी पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षकों को थाना/ओपी स्तर पर लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश।
  4. प्रविवेक्षण प्रतिवेदन समय पर जारी हो:
    अनुसंधान पूर्ण हो चुके मामलों में समयबद्ध चार्जशीट/प्रविवेक्षण प्रतिवेदन निर्गत करने की अनिवार्यता पर जोर।
  5. गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर बल:
    अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष सतर्कता ताकि आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाई जा सके।
  6. महिला उत्पीड़न व POCSO मामलों में तेजी:
    ऐसे मामलों में 50 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा कर चार्जशीट समर्पण का निर्देश।
  7. कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत जागरूकता अभियान:
    डायन प्रथा, महिला उत्पीड़न और साइबर अपराध के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का आदेश।
  8. सीमावर्ती समन्वय बैठक:
    अंतरजिला और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अपराधियों के मूवमेंट की जानकारी साझा कर कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु थाना प्रभारियों को निर्देश।
  9. वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश:
    वाहन चोरी की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु सक्रिय अभियान और गिरोह के खुलासे का आदेश।
  10. सीसीटीवी कैमरा की अनिवार्यता:
    प्रमुख व्यावसायिक एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक से अधिक CCTV कैमरे लगाने का निर्देश, जिससे निगरानी बढ़े और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास पनपे।
  11. अवैध खनन पर सख्ती:
    कोयला, बालू, पत्थर आदि के अवैध खनन और परिवहन पर छापामारी कर रोक लगाने का निर्देश।
  12. मादक पदार्थ और अवैध शराब के खिलाफ अभियान:
    शराब व नशीले पदार्थों के निर्माण, भंडारण और तस्करी पर छापामारी कर कठोर कार्रवाई की हिदायत।
  13. सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण:
    सघन वाहन जांच अभियान और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एम.वी. एक्ट के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई।

अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

बैठक में एसपी द्वारा जिस सख्त लहजे में निर्देश जारी किए गए, उससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में जिन थाना क्षेत्रों में सुधार नहीं दिखेगा, वहां संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। यह भी संभावना है कि प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन के आधार पर पदस्थापन या निलंबन की अनुशंसा हो।

जनहित व कानून व्यवस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक का निष्कर्ष साफ था – आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत करना और जिले को अपराधमुक्त बनाना। एसपी ने साफ कहा कि “सुधार नहीं हुआ, तो दंड तय है।”

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर. पी. सिंह की रिपोर्ट।

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