जामताड़ा(JAMTARA): उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय नक्शे में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) झारखंड के ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की पहुंच उन विद्यार्थियों तक भी सुनिश्चित हो रही है, जो पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था से वंचित रह जाते थे।
इसी कड़ी में इग्नू अध्ययन केंद्र संख्या 87017, जे. जे. एस. डिग्री कॉलेज, मिहिजाम, जामताड़ा में जनवरी सत्र 2025 के नामांकित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीटिंग (अभिप्रेरण बैठक) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें बिंदुवार:
- दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ:
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह एवं इग्नू अध्ययन केंद्र की समन्वयक डॉ. पूनम कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। - स्वागत और परिचय सत्र:
डॉ. पूनम कुमारी ने इग्नू क्षेत्रीय केंद्र देवघर के प्रभारी निदेशक श्री अरविंद मनोज कुमार सिंह, उपस्थित शिक्षकों, परामर्शदाताओं, तकनीकी सहयोगियों व छात्रों का स्वागत करते हुए सभी का परिचय कराया। - इंडक्शन मीटिंग का उद्देश्य स्पष्ट:
डॉ. पूनम ने विद्यार्थियों को इंडक्शन मीटिंग के महत्व, काउंसलिंग सत्र, सत्रीय कार्यों की समयबद्धता, परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन पद्धति आदि पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इग्नू का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और लचीली शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। - ऑडियो संदेश के माध्यम से निदेशक की विशेष जानकारी:
क्षेत्रीय निदेशक की अनुपस्थिति में उनका ऑडियो संदेश चलाया गया, जिसमें उन्होंने www.ignou.ac.in वेबसाइट के प्रयोग की महत्ता बताते हुए कहा कि – - समय-समय पर वेबसाइट से पंजीकरण, परीक्षा तिथि, त्रुटि सुधार, माइग्रेशन, प्रमाणपत्र अपलोड जैसी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त की जा सकती हैं।
- प्रोग्राम गाइड डाउनलोड कर सिलेबस, असाइनमेंट और मूल्यांकन प्रणाली को समझना बेहद जरूरी है।
- प्राचार्य का अध्यक्षीय संबोधन:
प्राचार्य प्रो. साह ने मदर्स डे की बधाई देते हुए मातृशक्ति को नमन किया। उन्होंने बताया कि: - इग्नू सेंटर में बुधवार को छोड़ अन्य सभी कार्यदिवसों में शिक्षार्थी विषय संबंधी जानकारी ले सकते हैं।
- जे. जे. एस. कॉलेज ने अल्प समय में यूजी, पीजी, डिप्लोमा, और सर्टिफिकेट कोर्स जैसे कार्यक्रमों की पढ़ाई प्रारंभ कर बॉर्डर क्षेत्र में शिक्षा की नई उम्मीद जगाई है।
- परीक्षा एवं सत्रीय कार्य संबंधी निर्देश:
विद्यार्थियों को बताया गया कि— - सत्रीय कार्य (Assignment) सभी के लिए अनिवार्य है।
- परीक्षा के समय पोस्टकार्ड साइज का कलर एडमिट कार्ड, हॉल टिकट और पहले के वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन आवश्यक है।
- संचालन और धन्यवाद ज्ञापन:
कार्यक्रम का संचालन प्रो. रंजीत कुमार यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक समन्वयक श्री संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
विशिष्ट उपस्थिति:
इस प्रेरक अवसर पर निम्न प्रमुख शिक्षक-परामर्शदाता एवं तकनीकी सदस्य उपस्थित थे—
- अरविंद कुमार सिन्हा
- पुष्पा टोप्पो
- अमिता सिंह
- पूनम कुमारी
- शशिकला शर्मा
- देवकी पंजियारा
- कृष्ण कुमार द्विवेदी
- मृदुला मंडल
- मनोज कुमार सिंह
- शबनम खातून
- नवल किशोर सिंह
- उत्तम कुमार दत्ता
- उपेन्द्र कुमार पाण्डेय
- कुमारी रेखा शर्मा
- रीता कुमारी
- सोमा कुमारी (टेक्नीशियन)
- अमित कुमार मिस्त्री (टेक्नीशियन)
साथ ही, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक इस अभिप्रेरण बैठक में शामिल हुए।
निष्कर्ष:
झारखंड के सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में इग्नू केंद्रों की भूमिका शिक्षा के सामाजिक विस्तार में अहम साबित हो रही है। मिहिजाम स्थित यह केंद्र ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहाँ अवसर, जानकारी और मार्गदर्शन की त्रिवेणी बह रही है।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

