सिंदरी(SINDRI):सिंदरी शहरपुरा युथ क्लब स्थित मीरा मोहन धाम में नव निर्मित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री राधा कृष्ण की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के निमित श्री श्री 108 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के प्रथम दिन 2 मई शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा, पूजा अर्चना, प्राण प्रतिष्ठा के साथ महायज्ञ के साथ साथ मध्य प्रदेश के रीवा से पधारी कथा वाचिका कथा के तीसरे दिन आस्था भजन सत्संग चैनल की प्रवक्ता डॉ अमृता कर्णेश्वरी जी ने विदुर चरित्र भक्त ध्रुव की कथा भक्त प्रह्लाद की कथा, नामकी महिमा को बताया। विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश भी दिये जैसे कि बच्चों को बचपन से ही धर्म और आध्यात्म का ज्ञान देना, और माता-पिता की सेवा करना. व तंबाकू व शराव जैसे व्यसनो से दूर रहना चाहिए
देवी जी ने ध्रुव व विदुर चरित्र की कथा का प्रसंग सुनाया।
देवीजी ने कहा कि अगर ध्रुव पांच साल की उम्र में भगवान को पा सकता है, तो फिर हम कैसे पिछड़ सकते हैं। अगर सच्चे मन से भगवान की भक्ति की जाए, तो भगवान खुद अपने भक्तों से मिलने पहुंच जाते है।
वहीं विदुर प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम की व्याकुलता के बारे में उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण विदुरजी की कुटिया में भोजन करने गए और वहां केले के छिलकों का भोग स्वीकारा। इससे पहले वे दुर्योधन के महल में छप्पन भोग का त्याग कर आए थे। भगवान तो प्रेम के भूखे होते हैं और विदुर-विदुरानी ने भगवान को प्रेम से भोजन करवाया तो उन्होंने केले के छिलके भी प्रेम से खा लिए। कथा के दौरान कथावाचिका ने श्रद्धालुओं के समक्ष सृष्टि वर्णन के प्रसंग को भी विस्तार से सुनाया। उक्त भव्य कार्यक्रम एवं सात दिनों तक चलने वाले यज्ञ के आयोजक गौरव वक्ष उर्फ लक्की सिंह एवं संस्थापक मोहन सिंह ने समस्त क्षेत्रवासियों भक्तजनों एवं श्रद्धालुओं से निवेदन करते कहा कि लोग इस भव्य दिव्य कथा में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें और सत्संग, कथा व भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को पुण्यमय बनाएं। इस कार्यक्रम से पूरा सिंदरी भक्तिमय बना हुआ है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट

