जामताड़ा(JAMTADA):नारायणपुर थाना क्षेत्र की खुशबू खातून ने ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामला दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और पति द्वारा दूसरी शादी किए जाने से संबंधित है। पीड़िता ने दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विवाह और दहेज में दी गई भारी संपत्ति
खुशबू खातून की शादी 7 मई 2020 को मुस्लिम रीति-रिवाज से मकसूद अंसारी के साथ हुई थी। शादी के समय लड़की के पिता ने 2.51 लाख रुपये नकद, एक अपाचे मोटरसाइकिल, 60 हजार रुपये के गहने और 1.25 लाख रुपये का घरेलू सामान बतौर दहेज दिया था।
शादी के शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात बदलने लगे। खुशबू का आरोप है कि उसका पति साइबर अपराधों में लिप्त हो गया और पुलिस से बचने के लिए रात भर घर से गायब रहने लगा।
ससुर पर यौन उत्पीड़न और मारपीट के आरोप
पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके ससुर इदरीश मियाँ ने कई बार उनके साथ अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर उन्हें घर से निकाल दिया गया। पति के जेल जाने के दौरान, ससुर शराब के नशे में अक्सर छेड़छाड़ करते थे। जब खुशबू ने यह बात सास और पति को बताई, तो तीनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिसमें उसका बाँया हाथ टूट गया और ऑपरेशन के बाद उसमें रॉड डाला गया।
दूसरी बार बाइक देकर बेटी को भेजा, फिर भी नहीं बदला व्यवहार
खुशबू के पिता ने बेटी की गृहस्थी बसाने के लिए एक बार फिर अपाचे बाइक देकर बेटी को ससुराल भेजा, लेकिन 16 अप्रैल 2025 की रात एक बार फिर वही घटना दोहराई गई। नशे में धुत ससुर ने छेड़छाड़ की कोशिश की। जब खुशबू ने विरोध किया तो सास और पति ने उसके साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट की और गांव के सामने उसके चरित्र पर सवाल खड़ा कर उसे घर से निकाल दिया।
इतना ही नहीं, उनका दूध पीता बच्चा भी छीन लिया गया, जिसे नारायणपुर थाना की मदद से वापस दिलाया गया।
पति ने कर ली दूसरी शादी
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 28 अप्रैल 2025 को खुशबू के पति मकसूद अंसारी ने दूसरी शादी रचा ली, जिसमें परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत रही। अब पीड़िता अपने मायके में बच्चों के साथ रह रही है और न्याय की गुहार लगा रही है।
कानून की धाराएं और पुलिस के अधिकार
इस पूरे मामले में निम्नलिखित भारतीय दंड संहिता (IPC) और अन्य संबंधित कानूनों की धाराएं प्रभावी हो सकती हैं:
- धारा 498A (IPC) – पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला को क्रूरता पूर्वक प्रताड़ित करना – गैर-जमानती अपराध; पुलिस को गिरफ्तारी का अधिकार।
- धारा 304B (IPC) – दहेज मृत्यु (यदि प्रताड़ना के कारण महिला की मृत्यु होती है) – इसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
- धारा 354 (IPC) – महिला के साथ अश्लील हरकत या छेड़छाड़ – ससुर पर लागू हो सकता है।
- धारा 323/325 (IPC) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना या गंभीर रूप से घायल करना – मारपीट के आरोप के तहत।
- धारा 494 (IPC) – पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना – यह अपराध है और पति पर लागू होता है।
- धारा 506 (IPC) – आपराधिक धमकी – यदि धमकाने के आरोप हों।
- धारा 3 और 4 (दहेज निषेध अधिनियम, 1961) – दहेज लेना या उसकी माँग करना कानूनन अपराध है।
पुलिस को क्या अधिकार प्राप्त हैं?
- पुलिस ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, दोषियों की गिरफ्तारी, पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने, और शेल्टर होम में अस्थाई आश्रय देने का अधिकार रखती है।
- महिला थाना को इस मामले में सीआरपीसी की धारा 41 के तहत स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
- परिवार न्यायालय के माध्यम से पीड़िता भरण-पोषण, बाल संरक्षण, और दूसरी शादी को रद्द कराने हेतु याचिका दाखिल कर सकती है।
पीड़िता की मांग और आगे की कार्रवाई
खुशबू खातून ने सभी दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और त्वरित न्याय की माँग की है। वहीं, उनके पिता ने बताया कि बेटी को बसाने के लिए उन्होंने बार-बार पंचायत कर समाधान का प्रयास किया, लेकिन हर बार प्रताड़ना और हिंसा झेलनी पड़ी।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

