धनबाद(DHANBAD) : कोयला के जरीये देश रौशनी देने वाली मिनी रत्न कम्पनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल ) के बारे अगर कहा जाय कि चिराग तले अँधेरा तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। देश की कोयला राजधानी धनबाद का एक महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल धनबाद को जोड़ने वाली सड़क अपनी किस्मत पर आंसू बहा रही है। इस सड़क का दुर्भाग्य यह है कि इसकी व्यवस्था का संचालन राष्ट्र की पहचान रखने वाली बीसीसीएल प्रबंधन से जुडी है। कोयला उत्पादन के जरीये अकूत सम्पति से राष्ट्र की सेवा करने वाली बीसीसीएल की असल हकीकत की पोल खोलती है।इस सड़क पर दिल्ली पब्लिक स्कूल धनबाद ,सीबीआई कार्यालय धनबाद के साथ साथ सरकारी व्यवस्था से जुडी कई एजेंसियों संचालन व्यवस्था जुडी है। ऐसे में बीसीसीएल को विकास के नाम पर मुंह चिढ़ाता इस सड़क की व्यवस्था लम्बे समय से ऐसे हीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कोयला राजधानी धनबाद कार्यशैली के आधार इसकी एक अलग पहचान रही है। जिले में टॉपर रिजल्ट देने वाली इस स्कूल में साधन सम्पन्न घराने के न केवल बच्चे पढ़तें हैं बल्कि बीसीसीएल व देश को राजस्व देने वाले पहचान रखने वाली धनबाद रेल मंडल के आला अधिकारीयों के बच्चे भी इसी स्कूल स्कूल में शिक्षा पातें हैं। अर्थात अगर यह कहा जाय कि यह सड़क विकास की तराजू पर मिनी रत्न कम्पनी की हकीकत बयान करती है। और तो और इस मार्ग में एक निजी अस्पताल भी संचालित है बीसीसीएल के इस व्यवस्था को झेलने पर मजबूर है। स्थिति यह है कि इस सड़क की क्षतिग्रस्त स्थिति वाहन खड़ी कर यह सोंचना पड़ता है कि वाहन सहित खुद सुरक्षित स्थिति निकल जायें। अब जरा सुनिए बीसीसीएल की कार्मिक व्यवस्था के सर्वश्रेष्ठ अधिकारी इस पर कम्पनी के कार्मिक निदेशक की इस पर टिप्पणी को ।
बस टेंडर होने हीं वाला है उक्त सड़क की : डी पी
बीसीसीएल की निदेशक कार्मिंक डॉ एम के रमैया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त सड़क के लिए जल्द हीं निविदा निकाल कर उसे ठीक कराया जाना है। इसकी दिशा निर्देश भी विभागीय अधकारियों को दी जा चुकी है। अब देखना यह है कि इस क्षतिग्रस्त सड़क व्यवस्था पर बीसीसीएल की नींद कब खुलती है।
NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

