चौकीदार बहाली में अनियमितताओं को लेकर भाजपा का प्रशासन पर बड़ा हमला, उपायुक्त की कार्यशैली पर उठे सवाल…

चौकीदार बहाली में अनियमितताओं को लेकर भाजपा का प्रशासन पर बड़ा हमला, उपायुक्त की कार्यशैली पर उठे सवाल…

जामताड़ा(JAMTADA):जामताड़ा जिले में हाल ही में संपन्न चौकीदार बहाली प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण की अध्यक्षता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौकीदार बहाली प्रक्रिया को “घोर अपारदर्शी और संदिग्ध” करार देते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ क्रूर मज़ाक बताया गया।

सुमित शरण ने आरोप लगाया कि राज्य में जब से हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनी है, भ्रष्टाचार और विवादास्पद मामलों की बाढ़ सी आ गई है। उन्होंने कहा, “चौकीदार बहाली की प्रक्रिया सिर्फ रोजगार से नहीं जुड़ी थी, बल्कि इसके जरिए ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूती देने की उम्मीद लोगों ने पाल रखी थी। परंतु प्रशासन ने परीक्षा को अत्यंत लापरवाही और संदेहास्पद तरीके से संपन्न कराया है।”

उन्होंने खुलासा किया कि प्रश्न पत्र निर्माण के लिए बनाई गई आठ सदस्यीय टीम में से तीन सदस्यों ने स्वयं ही असहमति जताई थी, बावजूद इसके समिति को रद्द नहीं किया गया। सुमित शरण का कहना है कि इससे यह संदेह गहराता है कि यह सब एक सुनियोजित साजिश के तहत हुआ ताकि भ्रष्टाचार की संभावनाएं बनी रहें। उन्होंने यह भी दावा किया कि कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से अंकों में गड़बड़ी की गई है – कम और ज्यादा नंबरों का खेल खुलकर सामने आ रहा है।

भाजपा नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक डॉ. इरफान अंसारी तथा विधानसभा अध्यक्ष व नाला विधायक रविंद्रनाथ महतो की चुप्पी संदेह को और मजबूत करती है। “एक ओर युवा विरोध प्रदर्शन करने को विवश हैं, दूसरी ओर सरकार के जिम्मेदार लोग खामोश तमाशाई बने हुए हैं,” – सुमित शरण ने कहा।

उन्होंने बताया कि सुबह परीक्षा लेकर रात में परिणाम प्रकाशित कर देना और फिर बाद में “संशोधित अंक” जारी करना, पूरे प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ जामताड़ा नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में संज्ञान ले लिया है।

इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री कमलेश मंडल ने कहा, “छात्र-छात्राएं पसीना बहाकर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन जिस तरह से जामताड़ा प्रशासन ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वह अक्षम्य है।”

भाजपा की मीडिया प्रभारी आभा आर्या ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर बहाली परीक्षा में हुई धांधलियों की समीक्षा कर पारदर्शी जांच नहीं की गई, तो भाजपा उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में युवाओं के साथ खड़ी है और आंदोलन को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री कमलेश मंडल, मीडिया प्रभारी आभा आर्या, जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल, सह मीडिया प्रभारी प्रदीप राउत सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि वर्तमान उपायुक्त जामताड़ा, राज्य सरकार के कई विभागीय कार्यों में समुचित नियंत्रण स्थापित करने में लगातार विफल रही हैं। चौकीदार बहाली मामले में उत्पन्न विवाद, प्रशासनिक लापरवाही की एक और बानगी मानी जा रही है, जिससे सरकार की साख और युवाओं का भरोसा दोनों ही गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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