रांची(RANCHI) : झारखंड में शिक्षा की बेहतरी के लिए सरकार पंचायत प्रतिनिधियों विद्यालय प्रबंधन समिति और आम लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षा संगम 2025 में मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि 5 से 18 वर्ष के बच्चों को स्कूल से जोड़ना सबकी जिम्मेदारी है। सरकार और समुदाय मिलकर विद्यालयों को सुदृढ़ करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन हो सके।
रांची में शिक्षा संगम 2025 कार्यक्रम का हुआ आयोजन
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् और कलेक्टिव्स फॉर इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड इनिशिएटिव के संयुक्त प्रयास से रांची में शिक्षा संगम 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन, झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ममता लकड़ा शामिल हुए।
साथ ही सिनी से मामूरा खान और दिव्या ज्योति, गणेश नीलम, टाटा ट्रस्ट की शिक्षा प्रमुख अमृता पटवर्द्धन, सिनी झारखंड टीम लीडर शीर्षेंदु पाल सहित राज्य के कई जिलों से आए 250 से अधिक एसएमसी सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
केंद्र और राज्य दोनों का सहयोग जरूरी
विभागीय मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए राज्य और केंद्र सरकार, दोनों के सहयोग की आवश्यकता है। दोनों के आपसी सहयोग के बिना राज्य के स्वर्णिम विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती।
आज के समय में शिक्षा में समानता लाने और इसके विकास के लिए सभी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति की आवश्यकता है। बिना प्रबंधन समिति के विद्यालय की व्यवस्था नहीं सुधारी जा सकती।
शिक्षा में सरकार व समुदाय की भूमिका
सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतरी के लिए सरकार के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समिति और आम लोगों की भी समान भूमिका होती है। प्रबंधन समिति समय-समय पर स्कूलों में निगरानी रखती है।
गांवों में 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चे यदि स्कूल नहीं जा रहे तो इसके पीछे के कारणों की तलाश कर उन बच्चों को स्कूल से जोड़ने का काम विद्यालय प्रबंधन समिति करती है।
शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य
झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और शून्य ड्रापआउट सुनिश्चित करना है। विभाग अपने सभी हितधारकों के साथ मिलकर सामुदायिक सहयोग के जरिए स्कूलों के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
स्कूल रुआर कार्यक्रम का आयोजन
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल तैयार करने में एसएमसी की बड़ी भूमिका होती है। राज्य के 36 हजार सरकारी विद्यालयों में सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी केवल विभाग के स्तर से कर पाना संभव नहीं हो पाता। ड्रापआउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल रुआर कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

